नई दिल्ली: एकनाथ शिंदे को गुरुवार को सदन में शिवसेना का नेता चुना गया. उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी नेता आदित्य ठाकरे ने रखा था. खुद ठाकरे का नाम भी इस पद के लिए चर्चा में था. पार्टी दफ्तर सेना भवन में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शिंदे के नाम की घोषणा की गई.

महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे को गुरुवार के दिन विधानसभा में शिवसेना का नेता चुना गया. इस पद के लिए आदित्य ठाकरे का नाम भी चर्चा में था. दादर स्थित पार्टी दफ्तर ‘सेना भवन’ में विधायकों की बैठक के बाद  शिंदे के नाम की घोषणा की गई. सूत्रों के अनुसार उद्धव ठाकरे नहीं चाहते थे कि आदित्य ठाकरे शिवसेना विधायक दल के नेता बने. इस वजह से शिंदे के नाम पर सभी विधायकों ने सहमति जताई.

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कौन हैं एकनाथ शिंदे?

एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. ये ठाणे के कोपरी-पंचपखाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा विधायक हैं. शिंदे की ताकत का अंदाजा इसी बात के लगाया जा सकता है कि वो कोपरी-पंचपखाड़ी विधानसभा से लगातार चार बार विधायक चुने गएं. साल 2004, 2009, 2014, और 2019 में इन्होंने लगातार चार भार शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ा और चारों पर शिंदे को विधायक चुना गया. विधायक बनने से पहले एकनाथ शिंदे ठाणे महानगर पालिका में दो बार पार्षद भी चुने गए. शिंदे तीन साल तक म्यूनिसिपल पावरफुल स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं.

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एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को महाराष्ट्र के सतारा में हुआ. मुंबई से सटे ठाणे में शिंदे की तूती बोलती हैं. शिंदे प्रभाव कुछ ऐसा है कि लोकसभा चुनाव हो या निकाय चुनाव इनका उम्मीदवार ही चुनाव जीतता है. बता दें कि इनके बेटे श्रीकांत शिंदे शिवसेना के ही टिकट पर कल्याण सीट से सांसद चुनकर लोकसभा पहुंचे है और वे दूसरी बार लोकसभा सदस्य चुने गए हैं.

एकनाथ शिंदे साल 2004 से 2019 तक लगातार चार बार विधायक चुने गए. साल 2014 में महाराष्ट्र सरकार में पीडब्लूडी के कैबिनेट मंत्री चुने गए. साल 2019 में सार्वजनिक स्वास्थय और परिवार कल्याण मंत्री चुने गए.