मुंबई: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि उनका मंत्रालय पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना के समुद्र किनारे स्थित बंगले को अपने नाम हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया में है. बता दें कि समुद्र किनारे स्थित इस शानदार बंगले की पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में मांग की थी कि संपत्ति उसके मुंबई स्थित वाणिज्य दूतावास को सौंप दी जाए.Also Read - ‘जब अकबरुद्दीन ने सुषमा स्वराज से बोरिस जॉनसन से फोन पर बात न करने को कहा था’

भाजपा विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा को भेजे एक पत्र में सुषमा ने कहा कि उनका मंत्रालय दिल्ली के हैदराबाद हाउस की तर्ज पर बंगले का नवीनीकरण कराएगा. लोढ़ा ने पांच अक्टूबर को सुषमा को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि जिन्ना हाउस को सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाना चाहिए. Also Read - ममता बनर्जी ने विधानसभा में कहा- मैंने राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज जैसे BJP नेताओं को देखा है, लेकिन...

सुषमा ने अपने पत्र में कहा, प्रधानमंत्री कार्यालय ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में उपलब्ध सुविधाओं की तर्ज पर विकसित करने के लिए जिन्ना हाउस के नवीनीकरण का निर्देश दिया है. इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से संपत्ति के हस्तांतरण के लिए पीएमओ से मंजूरी मांगी गई थी. पीएमओ ने अब आवश्यक मंजूरी प्रदान कर दी है. Also Read - मेहुल चोकसी मुद्दे पर विदेश मंत्रालय का बयान, 'भारत भगोड़ों को देश में वापस लाने के संकल्प पर कायम'

5 दिसंबर को लिखे पत्र में आगे कहा गया है कि मंत्रालय संपत्ति के स्वामित्व का हस्तांतरण अपने नाम कराने की प्रक्रिया में है. लोढ़ा ने बुधवार को कहा कि इस घटनाक्रम से बंगले के स्वामित्व को लेकर पैदा विवाद समाप्त हो जाएगा.

पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में मांग की थी कि संपत्ति उसके मुंबई स्थित वाणिज्य दूतावास को सौंप दी जाए. बता दें कि लोढ़ा ने एक बार मांग की थी कि ढांचे को गिरा दिया जाए, क्योंकि यह विभाजन का प्रतीक है.

खास बातें-
– जिन्ना हाउस यूरोपियन शैली में बनाया गया था
– इस बिल्डिंग की डिजाइन ब्रिटिश आर्किटेक्ट क्लाड बैटले ने की थी
– मालाबार हिल्स इलाके में स्थित इस बंगले का निर्माण 1936 में हुआ
– विभाजन के पूर्व यह बंगला मुहम्मद अली जिन्ना का निवास था
-जिन्ना हाउस 10,000 वर्ग मीटर (2.5 एकड़) में फैला है
– जब जिन्ना हाउस के निर्माण पर 1936 में करीब 2 लाख रुपए खर्च हुए थे