मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच चल रही खटपट से दोनों को भारी नुकसान हो सकता है और यहां अगले चुनाव में कांग्रेस सरकार बना सकती है. इस बात की आशंका खुद बीजेपी नेता और महाराष्ट्र में मंत्री ने जताई है. इस वरिष्ठ नेता ने आज आगाह किया कि महाराष्ट्र में अगले विधानसभा चुनावों के पहले भाजपा और शिवसेना में गठबंधन नहीं हुआ तो राज्य में कांग्रेस सत्ता में आ सकती है.

उद्धव ठाकरे पर निशाना

राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने कोल्हापुर जिले में संवाददाताओं से कहा कि भाजपा शिवसेना से गठबंधन करने को मजबूर है. अगर गठबंधन टूटा तो (अगले विधानसभा चुनावों के बाद) कांग्रेस सत्ता में आ सकती है. उन्होंने कहा कि 28 मई को होने वाले पालघर लोकसभा उपचुनाव के मामले में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गलत राजनीति की और दोनों दलों के बीच तल्ख संबंधों के लिए उन्हें दोषी ठहराया. पाटिल ने कहा कि पिछले चार साल में भाजपा और शिवसेना ने शायद ही कोई बड़ा चुनाव साथ लड़ा है.

शिवसेना ने दिया बीजेपी को झटका, पालघर लोकसभा सीट छीनने की पूरी तैयारी

इस साल जनवरी में भाजपा सांसद चिंतामन वंगा के निधन के बाद पालघर लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराया जा रहा है. इसे लेकर ही बीजेपी-शिवसेना में जंग छिड़ी हुई है. शिवसेना ने बीजेपी से बिना चर्चा किए ही वंगा परिवार के सदस्य श्रीनिवास को टिकट दे दिया, जबकि सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी इसी परिवार के किसी सदस्य को टिकट देने जा रही थी, लेकिन शिवसेना ने गलत कदम उठाया.

28 मई को मतदान

बता दें कि पालघर उपचुनाव के लिए 28 मई को मतदान होना है. यह सीट यहां से भाजपा सांसद चिंतामन वंगा के निधन के बाद खाली हो गई थी. वह गुजरात से सटे इस जनजातीय जिले में भाजपा का एक मजबूत चेहरा थे. श्रीनिवास वंगा ने शिवसेना के कई मंत्रियों और अन्य नेताओं के साथ एक खुले ट्रक में जुलूस के साथ नामांकन भरा था. इस दौरान कई लोगों के हाथों में केसरिया झंडा था और कई समर्थक पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे का बैनर और पोस्टर लहरा रहे थे.

2014 में साथ लड़े थे बीजेपी-शिवसेना

2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों पार्टियों ने 2014 विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था. दोनों के बीच तल्खी इस कदर बढ़ी की शिवसेना ने एनडीए से भी खुद को अलग कर लिया और मंत्री अनंत गीते ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि राज्य में दोनों पार्टियां मिलकर सरकार चला रही हैं.