Parambir Singh, Former Mumbai Police Commissioner, Akola, FIR, Mumbai Police, Mumbai, News: मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त (Former Mumbai Police Commissioner)  परमबीर सिंह (Parambir Singh) पर एक पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर महाराष्ट्र पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी ( FIR) दर्ज की है. यह एफआईआर पूर्व आयुक्त सिंह, डीसीपी पराग मनेरे और 26 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विदर्भ के अकोला में दर्ज की गई है.Also Read - शीना बोरा हत्याकांड: जमानत पर बाहर आई इंद्राणी मुखर्जी, सोशल मीडिया पर लोग बोले- जेल में ब्यूटी पार्लर भी खुला है?

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह प्राथमिकी सिंह, डीसीपी पराग मनेरे और 26 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ विदर्भ के अकोला में दर्ज की गई है. अकोला की शहर कोतवाली पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र,साक्ष्यों को नष्ट करने संबंधी विभिन्न धाराओं तथा अनूसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 की धाराओं के तहत पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. Also Read - महाराष्ट्र में भीषण सड़क हादसा, दो वाहनों की भिड़ंत में ड्राइवर सहित 9 लोगों की मौत

सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि अकोला पुलिस ने कोतवाली थाने में जीरो एफआईआर (अपराध चाहे जिस इलाके में हुआ हो, लेकिन प्राथमिकी किसी भी पुलिस थाने में दर्ज करने का माध्यम) दर्ज की है और इसे ठाणे शहर की पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है. Also Read - पुणे में 4 छात्रों सहित 8 लोगों की डूबने से मौत, एक लड़की अब भी लापता

पुलिस निरीक्षक भीमराव घड़गे ने अपनी शिकायत में सिंह और अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए हैं. ये सभी आरोप उस वक्त के हैं, जब मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त ठाणे पुलिस में तैनात थे.

2015 से 2018 के दौरान ठाणे पुलिस कमिश्नरी में तैनात रहे घड़गे ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल के दौरान सिंह के नेतृत्व में काम करने वाले कई अधिकारी भ्रष्टाचार के कृत्यों में लिप्त रहे. उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंह ने कुछ लोगों के खिलाफ आरोप-पत्र नहीं दाखिल करने को भी कहा था, जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज थी.

अब अकोला पुलिस नियंत्रण कक्ष में तैनात घड़गे ने यह भी आरोप लगाया है कि सिंह के निर्देशों को मानने से इनकार करने के बाद उनके खिलाफ पांच प्राथमिकियां दर्ज की गईं और उन्हें निलंबित कर दिया गया.

बता दें कि परमबीर सिंह ने महाराष्‍ट्र के तत्‍कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ 25 मार्च को आपराधिक जनहित याचिका दायर कर देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी. सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे समेत पुलिस अधिकारियों को बार और रेस्तरां से 100 करोड़ रुपए की वसूली करने के लिए कहा था. निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास के निकट विस्फोटकों के लदी एसयूवी मिलने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच का सामना कर रहे हैं.