महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब आग लगने से 10 नवजात बच्चों की जिंदा जलने से मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक इन बच्चों की उम्र 1 महीने से 3 महीने के बीच है. आग लगने की मुख्य वजह उस आईसीयू को बताया जा रहा है जो बीमार नवजातों के लिए बनाया गया था. अस्पताल में रात 2 बजे आग लगने पर पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई.Also Read - 'Maharashtra में मार्च में सरकार का गठन करेगी BJP', केंद्रीय मंत्री Narayan Rane के इस बयान के क्या हैं मायने?

जानकारी के मुताबिक इस आग के हादसे से कुल7 बच्चों को अबतक बचाया जा चुका है. हालांकि आग किन कारणों से इस बात की अबतक पुष्टि नहीं हो सकी है, कुछ लोगों का कहना है कि शॉर्ट-सर्किट के कारण यह आग लगी. जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर प्रमोद खंडाते के मुताबिक अस्तपताल में नवजात बीमार बच्चों के इलाज के लिए बनाए गए आईसीय (SNUC) में रात के 2 बजे यह आग लगी. Also Read - Anna Hazare Admitted: सीने में दर्द की शिकायत के बाद अन्ना हजारे पुणे के अस्पताल में भर्ती

उन्होंने बताया कि इस हादसे में 10 नवजात बच्चों की झुलसने से मौत हो गई. हालांकि अन्य 7 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया है. वहीं खबरों की माने तो अस्पताल में शॉर्ट-सर्किट के कारण देर रात आग लगी. इस दौरान अस्पताल के वार्ड में कुल 17 बच्चे थे. वार्ड से धुआ निकलते देख अस्पताल प्रशासन को अलर्ट किया गया. हालांकि जब तक अस्पताल कर्मचारी अंदर पहुंचते 10 बच्चों की मौत हो चुकी है. हालांकि इसके बाद अन्य 7 बच्चों को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाल लिया गया. Also Read - MSRTC Strike: हड़ताल पर बैठे MSRTC के कर्मचारियों को महाराष्ट्र सरकार का अल्टीमेटम, शुक्रवार तक काम पर लौटें नहीं तो...