मुंबई. दक्षिण मुंबई में गुरुवार की देर शाम सीएसटी रेलवे स्टेशन के पास पैदल पार पुल गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई. इस घटना में शुरुआती जानकारी के तहत 23 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें आई थीं. पुलिस ने बताया कि यह पुल भीड़-भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन को आजाद मैदान पुलिस थाना से जोड़ता था. आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के सूत्रों ने घटना के बाद दी गई जानकारी में बताया था कि हादसे को देखते हुए कुछ लोगों के मारे जाने की आशंका है. ताजा समाचार मिलने तक इस हादसे में मृतकों की संख्या 5 हो गई है, वहीं घायलों की संख्या बढ़कर 36 तक पहुंच गई है. इधर, कुछ निजी समाचार चैनलों के अनुसार इस हादसे की वजह से अभी तक 4 लोगों के मारे जाने की खबर है. पुल के मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका है. फुटओवरब्रिज हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत देशभर के नेताओं ने दुख जताया है. पीएम मोदी ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है.

फुटओवरब्रिज हादसे के तुरंत बाद आनन-फानन में राहत और बचाव कार्य दल को मौके पर भेजा गया. एनडीआरएफ की टीम भी कुछ ही देर बाद घटनास्थल पर पहुंच गई है. घटना के बाद मीडिया के हवाले से जारी तस्वीरों में साफ तौर पर दिख रहा है कि इस फुटओवरब्रिज का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया. इस कारण कई लोग कंक्रीट के ढांचे के नीचे आ गए. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सीएसटी स्टेशन के पास मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे. घटना के बाद मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘सीएसटी के प्लेटफॉर्म संख्या एक के ऊत्तरी छोर को टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास बीटी लेन से जोड़ने वाला पैदल पार पुल ढह गया है. यातायात प्रभावित हो गया है. यात्री अन्य मार्गों का इस्तेमाल करें. वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.” बचाव दल ने पुल के मलबे में दबे लोगों को निकाला और सभी को पास के सेंट जॉर्ज अस्पताल भेजा गया. अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार हादसे में जख्मी लोगों का तत्परता से इलाज किया जा रहा है.

इधर, फुटओवरब्रिज गिरने के बाद सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है. हादसे में मारे गए लोगों के प्रति शोक-संवेदना प्रकट करते हुए सीएम ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को बचाव एवं राहत कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं. इधर, घटना के बाद फुटओवरब्रिज के रेल मंत्रालय या मुंबई नगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में होने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गईं. रेल मंत्रालय ने हादसे के बाद मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि यह ब्रिज बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) का था. मगर हम पीड़ितों की सहायता करने में स्थानीय प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं. रेलवे के डॉक्टर और कर्मचारी बीएमसी के साथ राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं.

फुटओवरब्रिज हादसे के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री विनोद तावड़े, भाजपा विधायक राज पुरोहित और कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा सहित कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे और घटना को लेकर दुख जताया. राज्य सरकार के मंत्री विनोद तावड़े ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि फुटओवरब्रिज का एक स्लैब टूटकर गिर गया. हादसे को लेकर रेलवे और बीएमसी को इस हादसे के कारणों की जांच करने को कहा गया है. मंत्री ने बताया कि यह पुल खराब हालत में नहीं था, लेकिन कुछ छिटपुट मरम्मत कार्य चल रहे थे. मरम्मत कार्य के दौरान पुल को लोगों के आवागमन के लिए बंद क्यों नहीं किया गया, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं. तावड़े ने कहा कि हादसे में घायल हुए लोगों के इलाज के लिए सरकार हरसंभव व्यवस्था कर रही है. सरकार घटना के सभी कारणों की विस्तृत जानकारी जल्द ही देगी.

इधर, हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे भाजपा विधायक राज पुरोहित ने मृतकों और घायलों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह हादसा दुर्भाग्यपूर्ण था. इसके खिलाफ पुख्ता जांच होनी चाहिए. पुरोहित ने फुटओवरब्रिज को लोगों के आवागमन के लिए एनओसी देने वाले इंजीनियर के खिलाफ जांच कराने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि पुल का ऑडिट करने वाले इंजीनियर ने इसमें मामूली मरम्मत की जरूरत बताई थी. अगर वह सही रिपोर्ट देता तो यह हादसा नहीं होता. विधायक ने मांग की कि आरोपी इंजीनियर को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उसे इस घटना के लिए दोषी मानते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. इधर, ताजा समाचारों के अनुसार, हादसे के बाद फुटओवरब्रिज के बचे हिस्से को भी तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है. बीएमसी के हवाले से बताया गया है कि भविष्य में इस टूटे हुए पुल के कारण कोई हादसा न हो, इसके लिए पुल के बचे हिस्से को भी तोड़कर हटाया जा रहा है.

(इनपुट – एजेंसी)