मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Former Mumbai Police Commissioner Param Bir Singh) के एक और पत्र से महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मच गई है. इस बार पत्र में उन्होंने महाराष्ट्र के मौजूदा डीजीपी संजय पांडे (DGP Sanjay Pandey) पर सवाल उठाए हैं. सीबीआई (CBI) को भेजे पत्र में सिंह ने आरोप लगाया कि डीजीपी पांडे ने उनसे कहा है कि अगर वो प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ अपनी शिकायत वापस ले लेते हैं तो उनके खिलाफ चल रही जांच को ‘रोका’ जा सकता है.Also Read - लालू-राबड़ी के आवास पर CBI के छापे संबंधी सवाल पर जानें नीतीश कुमार ने क्या दिया जवाब...

पत्र में परमबीर सिंह ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में अधिकारियों द्वारा अनिल देशमुख के खिलाफ शुरू की गई जांच को विफल करने का दुर्भावनापूर्ण प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि गवाहों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. Also Read - सीबीआई की टीम छापे के बाद लालू यादव के आवास से धक्‍कामुक्‍की के बीच बाहर निकली, RJD चीफ, राबड़ी देवी, दो बेटियों पर FIR दर्ज

मालूम हो कि परमबीर सिंह का ये पत्र उनके पहले पत्र के करीब डेढ़ महीने बाद सामने आया है. अपना पहला पत्र उन्होंने सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) को लिखा था. इसमें उन्होंने अनिल देशमुख पर मुंबई पुलिस के अधिकारियों को जबरन वसूली के जरिए हर महीने 100 करोड़ रुपए इकट्ठा करने के आदेश देने का आरोप लगाया था. Also Read - पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री से सीबीआई कर ही पूछताछ, अवैध तरीके से बेटी को नौकरी दिलाने का है आरोप

उन्होंने अनिल देशमुख के गृहमंत्री रहते दादर और नगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की मौत के संबंध में पुलिस जांच में दखल देने का भी आरोप लगाया था. हालांकि अनिल देशमुख ने इन आरोपों को निराधार बताया था. उन्होंने दावा किया कि परमबीर सिंह ने कारोबारी मुकेश अंबानी के घर के बाहर सुरक्षा चूक से जुड़ी कार्रवाई से बचने की कोशिश में ऐसा किया. मालूम हो 25 फरवरी को मुंकेश अंबानी के मुंबई स्थित निवास स्थान एंटीलिया के पास विस्फोटक पदार्थ मिला था. इस घटना के बाद देश में राजनीति गरमा गई थी.

इधर परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस संबंध में संज्ञान लिया और मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए. इसके कुछ बाद अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.