नई दिल्‍ली: अंतरराष्ट्रीय अदालत से भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले में फैसला बुधवार शाम आ गया. फैसला आने से पहले ही जाधव के परिवार और देशभर के लोग जाधव के लिए दुआ कर रहे थे और ये दुआएं आखिर काम आईं. शाम में जब आईसीजे ने फैसला सुनाया तो सभी भारतीयों के दिल से भगवान के प्रति धन्‍यवाद का भाव जाग उठा है. नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय (आईसीजे) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करे. फैसला आने के बाद जाधव के परिवार के सदस्‍यों ने मिठाईयां बांटी और गुब्‍बारे उड़ाएं.

सुनवाई नीदरलैंड, द हेग में पीस पैलेस में बुधवार को भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे शुरू हुई. इसमें शामिल होने के लिए भारतीय अधि‍कारी आईसीजे में पहुंचे. ‘प्रेसीडेंट ऑफ द कोर्ट’ न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ सार्वजनिक सुनवाई के दौरान फैसला पढ़ा.

इस हाई प्रोफाइल मामले में फैसला आने के करीब पांच महीने पहले न्यायाधीश यूसुफ के नेतृत्व में आईसीजे की 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलें सुनने के बाद 21 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था. मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में दो साल और दो महीने का वक्त लगा.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैजल ने कहा फैसले से पहले कहा था कि पाकिस्तान ने आईसीजे के समक्ष मुकदमा पूरी तरह से लड़ा. पाकिस्तान ने कहा था कि पाकिस्तान अच्छे फैसले की उम्मीद कर रहा है और वह आईसीजे के फैसले को स्वीकार करेगा.

जाधव को पाकिस्तान ने भारतीय जासूस बताते हुए मौत की सजा सुनाई थी. पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जबकि भारत ने इसे गलत बताते हुए इसके खिलाफ आईसीजे में अपील की जिसमें आज (बुधवार को) भारत को बड़ी जीत मिली] जब आईसीजे ने पाकिस्तान से जाधव की सजा पर पुनर्विचार के लिए कहा. पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जबरन अपराध कबूल करने के आधार पर उसे मौत की सजा सुनाई थी, जिसे भारत ने चुनौती दी थी.

सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव (49) को जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। उसे सजा सुनाए जाने का भारत में कड़ा विरोध हुआ था. (इनपुट- एजेंसी)