मुंबई. गणेश चतुर्थी के अवसर पर महाराष्ट्र के लालबाग का राजा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है. लालबाग के राजा को ‘नवसाचा गणपति’ के नाम से भी भक्त पुकारते हैं. बड़ी संख्या में भक्त बप्पा का दर्शन कर उन्हें आस्था अनुसार चढ़ावा चढ़ा रहे हैं. लालबाग के राजा की दानपेटी में मिले दान की गिनती शुरू हो गई है.Also Read - महाराष्ट्र के गणपति पूजा पर मंडराया कोरोना का खतरा! लालबागचा राजा के होंगे ऑनलाइन दर्शन व पूजा

लालबाग के राजा के चरणों में एक भक्त ने बड़ी आस्था के साथ 1 किलो 101 ग्राम की भगवान गणेश की मूर्ति दान की है. इस मूर्ति की कीमत तकरीबन 31 लाख के करीब है. वहीं बड़ी संख्या में कैश दानपेटी में जमा हुई है. लालबाग के राजा के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त दूसरे राज्यों से आते हैं. Also Read - Ganesh Chaturthi 2020: कोरोना काल में बिग बी ने ऐसे दी गणेश चतुर्थी की बधाई, लालबाग के राजा के क़दमों में...

भक्तों द्वारा चढ़ाया जेवर और गहनों का अनंत चतुर्दशी के दिन नीलामी की जाती है. इससे मिलने वाले रकम को लालबाग के ट्रस्ट में जमा करा दिया जाता है. Also Read - Lalbaugcha Raja: Devotees gave old 1000 rupee notes | लालबागचा राजा पंडाल में लोगों ने चढ़ाए बैन कर दिए गए नोट

जानिए लालबाग के राजा से जुड़ी रोचक बातें
लालबाग के राजा की प्रतिमा का निर्माण लालबाग में रहने वाला कांबली परिवार करता है.
लालबाग के राज की आंखें बनाने की जिम्मेदारी परिवार के मुखिया के पास रहती है.
लालबाग के राजा के दर्शन के लिए दो तरह की लाइन लगती है. एक जिसे नवसाची लाइन और दूसरी सामन्य लाइन होती है.
लालबाग के राजा के दर्शन में अगर कतार से चले तो 24 घंटो से लेकर 40 घंटे का समय लग जाता है.
लालबाग के राजा को हर साल करोड़ो रुपये से अधिक का चढ़ाव भक्त अर्पित करते हैं.