मुंबई। मुंबई समेत महाराष्ट्र में इस बार भी भारी बारिश का अनुमान जताया जा रहा है. प्री मानसून बारिश ने इसकी झलक भी दिखा दी है. इसे लेकर बीएमसी ने भी कमर कस ली है. मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस सप्ताह के अत में मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इस चेतावनी के मद्देनजर नगर निकाय मानसून संबंधी परेशानियों को रोकने और उनसे निपटने के लिए के लिए तैयारी कर रहा है.Also Read - Mumbai Police के एसीपी स्तर का अधिकारी करेगा Sameer Wankhede के खिलाफ आरोपों की जांच

बीएमसी ने कसी कमर Also Read - Nawab Malik ने फिर कहा, समीर वानखेड़े के मालदीव दौरे की जांच करें, उगाही का पूरा खेल सामने आ जाएगा

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन ने मौसम विभाग की ओर से दी गई नौ से 11 जून के बीच बेहद भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर किसी भी घटना से निपटने के लिए एहतियाती कई कदम उठाए हैं. महानगरपालिका की ओर से जारी एक वक्तव्य में बताया गया कि उप नगर आयुक्त, सहायक आयुक्त और विभाग के प्रमुखों समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं और उन्हें 9 जून तथा 10 जून (शनिवार और रविवार) के दिन अपने मुख्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं. Also Read - Maharashtra News: मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह पर बड़ी कार्रवाई, रोकी गई सैलेरी, भगोड़ा घोषित किए जाएंगे

9-10 जून को भारी बारिश के आसार

बीएमसी ने बताया कि एनडीआरएफ के तीन दलों को परेल, मानखुर्द (पूर्वी उपनगरों के लिए) और अंधेरी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स (पश्चिमी उपनगरों के लिए) पर तैनात किया जाएगा. उन्हें वॉकी-टॉकी और बाढ़ बचाव सामग्री से लैस किया जाएगा. इसके अलावा नौसेना कर्मियों को कोलाबा, वर्ली, घाटकोपर, त्रांबे, मलाड में तैनात किया जाएगा. रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, मुंबई, ठाणे , रायगढ़ और पालघर जिलों में नौ जून को बहुत भारी बरसात होने की आशंका है. जबकि 10 जून को मुंबई समेत कोंकण के छह जिलों और इर्द गिर्द के इलाकों में इस तरह की चेतावनी जारी की गई है.

मानसून की चाल बेहद तेज

बता दें कि इस बार मानसून की चाल बेहद तेज है और ये तीन पहले ही केरल पहुंच गया था. इसके बाद ये महाराष्ट्र की तरफ बढ़ गया. आज और दो दिन पहले भी मुंबई में भारी बारिश हुई थी जिससे निचले इलाकों में हर साल की तरह जलभराव हो गया. पिछले साल भारी बारिश से मुंबई के हालात बेहद बिगड़ गए थे और कई दिनों तक अलर्ट जारी किया गया था. कई बार हालात ऐसे बने कि लोगों को ऑफिस से जल्दी घर निकलना पड़ा और कईयों को घंटों एक ही जगह फंस पड़े रहना पड़ा.