मुंबई: महाराष्‍ट्र के पूर्व सीएम और सीनियर कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने बुधवार को कहा कि अगर भाजपा और शिवसेना महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनाती हैं तो उनकी पार्टी और राकांपा संयुक्त रूप से आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगी. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने मुंबई में मीडियाकर्मियों से कहा 21 अक्टूबर के चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला था.

चव्हाण ने कहा कि विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला और यही वजह है कि कांग्रेस का मानना है कि भाजपा को सत्ता में नहीं होना चाहिए. नांदेड़ जिले में भोकर से नवनिर्वाचित विधायक ने कहा, पिछले पांच साल में राज्य को बहुत नुकसान हुआ है. किसान संकट में हैं. आर्थिक हालत ठीक नहीं है.

पूर्व एमपीसीसी अध्यक्ष ने अपनी पार्टी के शिवसेना नीत सरकार को समर्थन देने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अगर आने वाले दिनों में भाजपा और शिवसेना सरकार नहीं बना पाती हैं तो कांग्रेस और राकांपा साथ मिलकर मुद्दे पर फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी लगातार कह रही है कि एनसीपी और कांग्रेस को विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है.

बता दें क‍ि बुधवार को  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा था क‍ि भाजपा और शिवसेना से महाराष्ट्र में यथाशीघ्र सरकार बनाएं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी पार्टी और उसकी सहयोगी कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका
निभाएगी.

राउत से मिलने के बाद पवार ने उद्धव ठाकरे नीत पार्टी की सरकार में कांग्रेस के बाहर से समर्थन के साथ शामिल होने से इनकार कर दिया. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में इस तरह के गठजोड़ के साथ सरकार गठन की अटकलें लगाई जा रही थी.

पवार ने कहा, प्रश्न ही कहां उठता है (गैर भाजपा सरकार का)?’’ भाजपा और शिवसेना पिछले 25 वर्ष से साथ हैं और वे देर-सवेर साथ आ ही जाएंगे. पवार ने कहा, ‘‘अगर हमारे पास संख्या बल होता, तो हम किसी का इंतजार नहीं करते. कांग्रेस और राकांपा 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए… हम एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेंगे.’’

पवार ने कहा था , उन्हें जल्द से जल्द सरकार बना राज्य को संवैधानिक संकट से बचाना चाहिए, और हमें जो जनादेश मिला है(विपक्ष में बैठने का) वह काम हमें करने देना चाहिए.