मुंबई: शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं हस्तक्षेप करते हैं तो आंदोलनकारी किसानों के मुद्दों को पांच मिनट में हल किया जा सकता है. राउत ने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार को उन किसानों के साथ बात करनी चाहिए जो दिल्ली की सीमाओं पर केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर पिछले 21 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. Also Read - Farmers Protest: किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा, अगली मीटिंग 19 जनवरी को

उन्होंने नई दिल्ली से फोन पर कहा, ‘‘सरकार अगर चाहती है तो वह 30 मिनट में (आंदोलनकारी) किसानों के साथ बैठकर इस मुद्दे को हल कर सकती है, … मुझे लगता है कि अगर प्रधानमंत्री खुद हस्तक्षेप करते हैं तो यह मुद्दा पांच मिनट में हल हो जाएगा.’’ Also Read - Kisan Andolan: किसानों और सरकार के बीच वार्ता जारी, कृषि मंत्री ने अन्नदाताओं से की अपने रुख को नरम करने की अपील

शिवसेना नेता ने कहा कि प्रदर्शनकारी भारत के किसान हैं और सरकार को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए. एक मराठी समाचार चैनल से बात करते हुए राउत ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे को खींचा है. Also Read - कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका भी हुए शामिल, कहा- पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही बीजेपी

राउत ने कोविड-19 महामारी के कारण संसद का शीतकालीन सत्र नहीं बुलाये जाने संबंधी फैसले को लेकर केन्द्र की निंदा की. राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘हमें यह देखना होगा कि वे सत्र क्यों नहीं आयोजित कर रहे हैं … क्योंकि सत्र का आयोजन किया जाना चाहिए क्योंकि यहां लोकतंत्र है.’’

भाजपा का नाम लिये बगैर राउत ने कहा कि उसने महाराष्ट्र में मंदिरों को फिर से खोलने की मांग पर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन अब लोकतंत्र (संसद) के मंदिर को बंद रखा गया है. उन्होंने पूछा, ‘‘ऐसे कैसे चलेगा?’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने विश्वास जताया कि शिवसेना 2022 में नगर निकाय चुनावों में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में अपना नियंत्रण कायम रखेगी.