नई दिल्ली. कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में दक्षिण-पश्चिमी मानसून सक्रिय हो जाने से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के ऊपर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. लगातार दो दिनों से भारी बारिश के कारण मुंबई शहर में जहां रेल और सड़क यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है, वहीं अब भी बारिश के थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि इन क्षेत्रों में अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इसके साथ ही पुणे और आसपास के क्षेत्रों में दो और तीन जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

मुंबई में रविवार से ही भारी बारिश हो रही है और दो दिन में यहां 540 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यह पिछले एक दशक में दो दिन की अवधि में हुई सर्वाधिक बारिश है. मुंबई में सोमवार सुबह भारी बारिश हुई और इसके बाद शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया जिसकी वजह से ट्रैफिक जाम भी हुआ और ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा. नगरपालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने बताया कि दो दिनों में 540 मिमी बारिश हुई जो पिछले एक दशक में दो दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है. उन्होंने बाढ़ की स्थिति के पीछे जलवायु परिवर्तन और भौगोलिक घटना को जिम्मेदार ठहराया.

इधर, लगातार हो रही भारी बारिश की वजह मुंबई के मलाड इलाके में सोमवार को दीवार ढह गई, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई.  बृहन्मुंबई नगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार दीवार गिरने की घटना में 13 लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए हैं. राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है. घटना को लेकर राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी दुख जताया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से घटना में मारे गए सभी लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी.

मुंबई के महापौर विश्वनाथ महादेश्वर ने बताया कि कुछ इलाकों में जलभराव है लेकिन यह कहना गलत होगा कि भारी बारिश के बाद ‘बाढ़’ जैसी स्थिति है. मौसम विभाग ने आसपास के इलाकों ठाणे और पालघर में दो, चार और पांच जुलाई को ‘बेहद भारी बारिश’ की आशंका जाहिर की है. मुंबई में कुछ स्थानों पर सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है. निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट ने बताया कि मुंबई में तीन जुलाई से पांच जुलाई के बीच ‘बाढ़ का गंभीर खतरा’ है.