नई दिल्ली: आयकर विभाग ने पुणे की एक ‘हाउस कीपिंग’ कंपनी बीवीजी के परिसर में छापे मार कर 180 करोड़ रुपए की अघोषित आय का पता लगाया है. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अधिकारियों ने गुरुवार को यह दावा किया.

सीबीडीटी ने एक बयान जारी कर कहा कि फर्जी ऋण, फर्जी खरीद और फर्जी उप-अनुबंध खर्च दावों के बारे में विशेष सूचना के आधार पर छापे मारे गए. हालांकि, बोर्ड ने अपने बयान में कंपनी की पहचान नहीं बताई लेकिन अधिकारियों द्वारा पुष्टि की गई है कि यह मामला भारत विकास समूह (बीवीजी) से जुड़ा हुआ है. बयान में कहा गया है कि छापे की कार्रवाई अब भी चल रही है. पुणे, मुंबई, नागपुर, दिल्ली, बेंगलुरु और नोएडा में कंपनी से जुड़े दो दर्जन से अधिक स्थानों पर बुधवार को छापे मारे गए थे.

बीवीजी समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हनुमंत गायकवाड़ ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि आयकर अधिकारियों ने कंपनी के परिसर में छापे मारे हैं. गायकवाड़ ने 1990 के दशक में एक एनजीओ शुरु किया था और 1997 में बीवीजी की शुरुआत की थी. अब यह कंपनी 22 राज्यों के 70 शहरों में 850 से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रही है. कंपनी ने तब से 75,000 लोगों को रोजगार दिया है.