नई दिल्ली: आयकर विभाग ने महाराष्ट्र के एक शहरी ऋण सहकारी बैंक में जमा 53 करोड़ से अधिक रुपए के लेन-देन पर रोक लगा दी है. विभाग ने यह कदम हाल में मारे गए छापों के दौरान खाते खोलने में घोर अनियमितता की बात सामने आने पर उठाया है. दरअसल, 1,200 से अधिक बैंक खाते बुल्ढ़ाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक की शाखा में बिना पैन कार्ड के खोले गए. इनमें एक साथ खोले गए 700 से अधिक ऐसे खातों की पहचान की गई, जिनमें 34.10 करोड़ से अधिक नकदी खाते खुलने के सात दिनों के भीतर जमा की गई.Also Read - Delhi, Mumbai में घटी कोरोना की रफ्तार, कर्नाटक में बड़ी संख्‍या में आए केस, देखें अपने राज्य का अपडेट

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केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शनिवार को यह जानकारी दी. सीबीडीटी ने बताया कि विभाग ने बैंक के मुख्यालयों और इसके अध्यक्ष और निदेशक के आवास पर 27 अक्टूबर को छापा मारा था. आधिकारिक बयान में हालांकि यह जानकारी नहीं दी गई कि किस संस्थान पर छापा मारा गया, लेकिन सूत्रों ने उसकी पहचान ‘बुल्ढ़ाणा अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक’के तौर पर की है. Also Read - Maharashtra Local Polls Result: महाराष्ट्र नगर पंचायत चुनाव के नतीजे में BJP सबसे बड़ी पार्टी, जानें किसे मिली कितनी सीटें

बयान में कहा गया, ”कोर बैंकिंग सोल्यूशन्स (सीबीएस) पर बैंक आंकड़ों के विश्लेषण और छापे के दौरान अहम लोगों के बयानों से पता चला है कि बैंक खाते खोलने में घोर अनियमितताएं बरती गईं.”

सीबीडीटी ने बयान में कहा, ”1,200 से अधिक बैंक खाते इस शाखा में बिना पैन कार्ड के खोले गए. इनमें एक साथ खोले गए 700 से अधिक ऐसे खातों की पहचान की गई जिनमें 34.10 करोड़ से अधिक नकदी खाते खुलने के सात दिनों के भीतर जमा की गई, खासतौर पर अगस्त 2020 से मई 2021 के बीच.”

बयान में कहा गया, ”अध्यक्ष, सीएमडी और शाखा प्रबंधक नकदी जमा के स्रोतों के बारे में जानकारी नहीं दे सके और उन्होंने स्वीकार किया कि यह बैंक के एक निदेशक के कहने पर किया गया, जो एक नामी स्थानीय कारोबारी है. एकत्रित साक्ष्यों और दर्ज बयानों के आधार पर 53.72 करोड़ की पूरी राशि के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है.” (इनपुट-भाषा)