मुंबई: महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार के मंत्री जयंत पाटिल ने मंगलवार को कहा कि राज्य पर भारी कर्ज को देखते हुए इस बात पर विचार किया जा रहा है कि क्या बुलेट ट्रेन परियोजना जैसी भारी भरकम परियोजनाओं को स्थगित किया जा सकता है. पाटिल ने कहा है कि राज्य पर छह लाख 71 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. उन्होंने कहा कि इस कर्ज को कैसे चुकाया जाए, इसकी समीक्षा करने के लिए एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें यह भी चर्चा की जाएगी कि किन परियोजनाओं को चालू रखा जाना चाहिए और क्या इतने कर्ज के बाद बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट को रद्द कर देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि राज्य पर कुल 4.71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है. इसके अलावा चल रही परियोजनाओं पर भी दो लाख करोड़ रुपये लगे हैं. पाटिल ने कहा, “हम अब समीक्षा कर रहे हैं कि राज्य के विकास के लिए कौन सी परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं और क्या बुलेट ट्रेन परियोजना जैसी अन्य योजनाओं को बाद के चरण के लिए स्थगित किया जा सकता है.” मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा पिछली भाजपा सरकार की ओर से शुरू की गई विकास परियोजनाओं की समीक्षा करने का आदेश देने के कुछ दिनों बाद उनकी यह टिप्पणी आई है.

दरअसल राज्य ने बुलेट ट्रेन परियोजना की व्यवहार्यता पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक बुलाई. हालांकि इस बैठक में सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया. उद्धव ठाकरे ने कहा कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा, “हमने आज बैठक में किसी भी परियोजना पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, सभी परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन पर जोर दिया जाएगा. हमने अभी तक बुलेट ट्रेन को लेकर भी कोई निर्णय नहीं लिया है.”

इस परियोजना को लेकर पालघर क्षेत्र में किसानों और आदिवासियों ने काफी विरोध जताया है. पिछले रविवार को ठाकरे द्वारा राज्य के किसानों के कर्ज माफी वाले बयान पर पाटिल ने कहा कि सरकार फिलहाल हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और विभिन्न हिस्सों में बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने की तैयारी कर रही है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर राज्य सरकार के रुख का समर्थन किया.

(इनपुट आईएएनएस)