मुंबई: केरल राज्य में आई भीषण बाढ़ के चलते अब तक 385 से ज्‍यादा लोग काल कवलित हो चुके हैं वहीँ लाखों लोग बेघर हो चुके हैं. ऐसे में केरल की मदद को देश- विदेश के कई संगठन आगे आ रहे हैं. केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भोजन और अन्य राहत सामग्रियां जुटाने के लिए मुंबई के भी एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने अभियान शुरू किया है.

भारतीय वायु सेना के विमान से भेजी जाएगी राहत सामग्री
एनजीओ म्यूज के संस्थापक निशांत बंगेरा ने बताया कि संगठन ने पूरे शहर में 12 संचयन केंद्र बनाए हैं जहां लोग खाना, कपड़े और अन्य वस्तुएं दान कर सकते हैं जो बाढ़ प्रभावित लोगों तक भेजे जाएंगे. बंगेरा ने बताया, “हम केरल में राहत सामग्री पहुंचाने वाले बेंगलुरु ‘अनबोदु कोच्चि’ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.” उन्होंने बताया कि यहां केंद्रों पर इकट्ठा की गई वस्तुओं को भारतीय वायुसेना द्वारा विमान से कोच्चि ले जाया जाएगा.”

साथी हाथ बढ़ाना
एनजीओ के संस्थापक बंगेरा ने का कहना है कि उनका प्रयास ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से जोड़कर बाढ़ पीड़ितों की मदद करना है. बंगेरा ने बताया, हमारे पास तैयार खाद्य पदार्थों, प्रसाधन के सामान, दवाएं और कपड़ों जैसी चीजें से भरे दो ट्रक तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग खाद्य या अन्य वस्तुओं से बाढ़ पीड़ितों की मदद करना चाहते हैं वह उनके मोबाइल नंबर 9833500987 पर उनसे संपर्क कर सकते हैं.

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 29 मई को मॉनसून के केरल में आने के बाद से आई बाढ़ में अब तक 357 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि सूत्रों के मुताबिक यह आंकड़ा 385 से अधिक है. राज्य में अब तक बारिश व बाढ़ के प्रकोप के चलते करीब 3.53 लाख लोग बेघर हो गए हैं जो 3,026 राहत शिविरों में रह रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि 40,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं.

उन्होंने बताया कि 1,000 से ज्यादा घर पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं और करीब 26,000 घर आंशिक तौर पर बर्बाद हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि 134 पुल और 16,000 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिससे कुल 21,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. कोच्चि में कल हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये और बुरी तरह घायल लोगों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी. ( इनपुट एजेंसी )