मुंबईः महाराष्ट्र के पांच जिलों ने शराब की बिक्री की इजाजत नहीं देने का फैसला किया है. एक दिन पहले ही राज्य सरकार ने कहा था कि गैर निषिद्ध जोनों में शराब सहित गैर जरूरी सामान की दुकानें सोमवार से खुल सकेंगी. Also Read - Coronavirus: धार्मिक स्‍थलों के लिए SOP जारी, घंटी, मूर्ति छूना है प्रतिबंधित, पढ़ें नियम

सोलापुर, औरंगाबाद, जालना, बुलढाणा और अमरावती जिलों के प्रशासनों ने निर्देश जारी किए हैं कि शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इनमें से एक जिले के कलेक्टर ने कहा, ” यह निर्णय आपदा प्रबंधन अधिनियम के पालन में और कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए किया गया है. ” Also Read - Coronavirus: केंद्र सरकार ने शॉपिंग मॉल के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, जानें नियम

सूत्रों ने बताया कि बुलढाणा और अमरावती प्रशासन ने भी शराब की बिक्री पर 17 मई तक रोक जारी रखने और जरूरी सामान की बिक्री की इजाजत देने का फैसला किया है. औरंगाबाद में स्थित शराब बनाने की फैक्टरियां और बॉटलिंग इकाइयां उत्पादन फिर से शुरू कर सकती हैं लेकिन जिले में इसकी बिक्री पर रोक रहेगी. Also Read - महाराष्ट्र: मंत्री अशोक चव्हाण ने कोरोना को हराया, अस्पताल से छुट्टी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नागपुर नगर निकाय ने भी शहर में शराब बेचने की इजाजत नहीं देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि यह नगर निकाय का निर्णय है और नागपुर जिला कलेक्टर ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है. इसका मतलब है कि शराब की बिक्री शहर में नहीं होगी लेकिन ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानें खुलेंगी. महाराष्ट्र के लिए शराब की बिक्री राजस्व का प्रमुख स्रोत है.

आपको बता दें कि आज से लॉकडाउन का तीसरा चरण शुरू हो गया है और सरकार ने दिशा निर्देशों के साथ रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में शराब की दुकानें खोलने के आदेश दे दिए हैं. देश के कई हिस्सों में आज सुबह से शराब कि दुकानें खुल गई और इस दौरान दुकानों में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे. लोग में शराब खरीदने की इतनी जल्द बाजी थी कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को भी ताक पर रख दिया गया.

इस समय महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है इसलिए उद्धव सरकार ने कई जिलों में शराब कि दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है. बता दें कि महाराष्ट्र में इस समय 12 हजार से अधिक लोग कोविड-19 से संक्रमित हैं.