MP News: भोपाल में हॉस्टल से 26 लड़कियों के गायब होने से मचा हड़कंप, 12 अपने घरों में मिलीं, जानें पूरा मामला

MP की राजधानी भोपाल से 26 बच्चियों के गायब होने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि सभी बच्चियां एक NGO के हॉस्टल में रहती थीं, फिर वह अचानक से कहा गायब हो गई.

Published date india.com Published: January 6, 2024 8:48 PM IST
MP News: भोपाल में हॉस्टल से 26 लड़कियों के गायब होने से मचा हड़कंप, 12 अपने घरों में मिलीं, जानें पूरा मामला

Bhopal Latest News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक साथ कई बच्चियों के लापता होने की बड़ी खबर सामने आई है. हालांकि 10 से 12 बच्चियां अपने-अपने घरों में मिली हैं. वहीं अन्यों को लेकर पुलिस जांच कर रही है. मामले में जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उन पर कार्रवाई की गई है. जानकारी के अनुसार, सीडीपीओ बृजेन्द्र प्रताप सिंह, सीडीपीओ कोमल उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही महिला बाल विकास अधिकारी सुनील सोलंकी एवं सहायक संचालक महिला बाल विकास रामगोपाल यादव को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है.

कैसे सामने आया पूरा मामला?

जी न्यूज के सूत्रों ने बताया कि भोपाल में बालिका गृह से लड़कियों के गायब होने का पता तब चला जब राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अधिकारी औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे. रिकॉर्ड में 68 बच्चियों का नाम दर्ज था, लेकिन बाल अधिकार की टीम को वहां सिर्फ 41 लड़कियां ही मिलीं. 26 लड़कियां बालिका गृह से गायब थीं.

इसके बाद एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि रिकॉर्ड में जो बच्चियां गायब थीं. उनकी उम्र 6 से 18 साल के बीच है, इनमें से अधिकांश हिंदू हैं. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि बालिका गृह मान्यता प्राप्त नहीं है, बिना लाइसेंस के ही चलाा जा रहा था.

पूर्व CM शिवराज सिंह ने की थी कार्रवाई की मांग

NGO से 26 लड़कियों के गायब होने का मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने एक्स पर लिखा, “भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित बालगृह से 26 बालिकाओं के गायब होने का मामला मेरे संज्ञान में आया है. मामले की गंभीरता तथा संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार से संज्ञान लेने एवं त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं.”

प्रियंक कानूनगो ने पूर्व CM पर किया पलटवार

शिवराज सिंह की मांग पर प्रियंक कानूनगो ने पलटवार करते हुए X पर लिखा- “आपकी संवेदनशीलता के लिए मनपूर्वक धन्यवाद भाई साहब! ये सभी बच्चियां सड़क व रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू कर के लाई गयीं थीं, इनमें अनाथ बच्चियां भी थीं. जो NGO सरकारी एजेंसी चाइल्ड लाइन के रूप में बच्चों को रेस्क्यू कर रही थी, उसी ने बच्चों को गुपचुप ढंग से अवैध बाल गृह में रखा था.’

उन्होंने आगे लिखा- ऐसी संस्थाओं को चाइल्डलाइन का काम सौंपा जाना ख़तरनाक है. चुनाव के पहले कुछ अकर्मण्य अधिकारियों ने इन्हीं संस्थाओं के हाथ में बच्चों के संरक्षण हेतु चाइल्ड लाइन संचालित करने का काम देने का आदेश कैबिनेट से स्वीकृत करवा लिया था. मुझे विश्वास है कि आप उसको भी वापस लेने के लिए सरकार को आग्रह करेंगे.

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(इनपुट-एजेंसी के साथ)

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