मुंबई: शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार को भरोसा जताया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार सुरक्षित है और मध्य प्रदेश वायरस पश्चिमी राज्य में प्रवेश नहीं करेगा. शिवसेना महाराष्ट्र में राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार चला रही है. Also Read - Covid-19: उद्धव ठाकरे और पलानीस्वामी ने कोरोना वायरस को मजहबी रंग नहीं देने की अपील की

वहीं, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरने के कगार पर है, क्योंकि राज्य में कांग्रेस के 22 विधायकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के बाद मंगलवार को इस्तीफा दे दिया. मध्य प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राउत ने कहा कि महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के लिए चिंता की कोई बात नहीं है. Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिये तैरता पृथक वास तैयार कर रहा है मुंबई बंदरगाह न्यास

शिवसेना नेता ने मराठी में ट्वीट किया, ”मध्य प्रदेश वायरस महाराष्ट्र में नहीं घुसेगा. महाराष्ट्र की सत्ता अलग है. 100 दिन पहले एक अभियान विफल हो गया था. महा विकास अघाड़ी ने बाईपास सर्जरी की और महाराष्ट्र को बचाया.” Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और व्यक्ति ने तोड़ा दम, राज्य में संक्रमितों की संख्या 155 हुई 

बता दें कि मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में दो सीटें फिलहाल रिक्त हैं. ऐसे में 228 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास मामूली बहुमत है. अगर 22 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो विधानसभा में सदस्यों की प्रभावी संख्या महज 206 रह जाएगी. उस स्थिति में बहुमत के लिये जादुई आंकड़ा सिर्फ 104 का रह जाएगा.

ऐसे में, कांग्रेस के पास सिर्फ 92 विधायक रह जाएंगे, जबकि भाजपा के 107 विधायक हैं. कांग्रेस को चार निर्दलीयों, बसपा के दो और सपा के एक विधायक का समर्थन हासिल है. उनके समर्थन के बावजूद कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से दूर हो जाएगी. हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि निर्दलीय और बसपा तथा सपा के विधायक कांग्रेस का समर्थन जारी रखेंगे या वे भी भाजपा से हाथ मिला लेंगे.