महाराष्ट्र में सावित्री नदी में आई बाढ़ में बुधवार को ब्रिटिशकालीन महाड पुल बह जाने से राज्य परिवहन की दो बसें और चार-पांच निजी वाहन बह गए, जिसमें कम से कम 42 लोग लापता हैं। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस बीच विपक्षी दलों की मांग के आगे झुकते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए।Also Read - न्यायिक जांच में खुलासा! विकास दुबे के साथ 26 सरकारी अधिकारियों की थी मिलीभगत, ऐसे मिलते थे लाइसेंसी हथियार

Also Read - Maharashtra Floods: महाराष्ट्र में सैलाब से गांव के गांव हुए तबाह, 24 घंटे में 112 की मौत, 99 लापता, LIVE Updates

गुरुवार को हादसे में डूबे 13 लोगों के शव निकाले गए, जो अरब सागर में 100 किलोमीटर तक बह गए थे। यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र : बाढ़ में 2 बसें बहीं, 2 शव बरामद, 20 से अधिक लापता Also Read - दक्षिण और पश्चिम भारत में जल-प्रलय, बाढ़ और बारिश से अब तक 183 लोगों की गई जान

रायगढ़ के उप जिलाधिकारी सतीश वागल ने यहां पत्रकारों को बताया कि हादसे में बहे राज्य परिवहन के दो बसों में अनुमान से अधिक यात्री सवार थे, जबकि निजी वाहनों में सवार यात्रियों की संख्या का पता नहीं चल पाया है।

राजापुर से बोरीवली को चली बस में जहां 14 यात्री सवार थे, वहीं जयगढ़ से मुंबई को चली बस में 12 यात्री सवार थे।

इसके अलावा एक निजी टवेरा कार के भी बहने की खबर मिली है, जिसमें सवार आठ यात्री भी लापता हैं। उनमें से दो महिलाओं के शव गुरुवार की सुबह निकाल लिए गए।

दोनों शवों की पहचान सेवंती मिरगल और रंजना वाजे के रूप में कर ली गई है। सेवंती का शव हरिहरेश्वर बीच से बरामद हुआ, जबकि रंजना का शव केंबुर्ली गांव के समुद्र तट से बरामद हुआ।

इसके अलावा वागल ने बताया कि जिला प्रशासन को एक लापता होंडा सिटी कार के संबंध में भी कई फोन कॉल आए, जिसमें चार व्यक्ति सवार थे। इसके अलावा एक तिपहिया वाहन, जिसमें तीन लोग सवार थे, भी लापता है।

अब तक हादसे में कुल 42 लोगों के लापता होने की खबर है।

राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर राओते ने हादसे मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिवार वालों को 10-10 लाख रुपये और राज्य परिवहन की बसों के मृत कर्मचारियों के परिवार वालों के लिए इतनी ही राशि देने की घोषणा की है। मृत परिवहन कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा राशि की जगह नौकरी भी दी जा सकती है।

नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे-पाटिल सहित अन्य नेताओं ने हादसे की न्यायिक जांच की मांग की और हादसे में मृत लोगों की तलाश का दायरा बढ़ाने की मांग भी की।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में हादसे पर चर्चा के बाद कहा, “हादसे की न्यायिक जांच की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई से विशेषज्ञों की एक टीम को पहली ही घटनास्थल पर भेज दिया गया है और सरकार ने मुंबई-गोवा राजमार्ग पर स्थित सभी पुलों की संरचनागत सुरक्षा जांच के आदेश भी दे दिए हैं।