नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र को 27 दिन (लगभग एक माह) से नई सरकार का इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन अभी तक इसको लेकर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है. महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से लगभग हर दिन कोई न कोई सियासी घटनाक्रम देखने को मिलता रहा है, लेकिन अभी तक अंजाम सामने नहीं आ पाया है. आज बुधवार को शाम में कांग्रेस-एनसीपी के नेताओं के बीच संभावित बैठक पर निगाहें जमी हुई हैं.

बीते 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सरकार गठन को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है

बता दें कि सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और सोनिया गांधी के बीच मीटिंग हुई थी, लेकिन पवार ने सरकार बनाने को लेकर कोई स्‍पष्‍ट बात नहीं की थी. वहीं, दूसरे दिन मंगलवार को दोनों पार्टियों के बीच होने वाली बैठक टल गई थी. एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने बताया था कि कांग्रेस नेता पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और ऐसे में उन्होंने यह बैठक बुधवार को करने का आग्रह किया. अब यह बैठक बुधवार को हो सकती है.

कांग्रेस की तरफ से सीनियर नेता अहमद पटेल, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे और कुछ अन्य नेता और राकांपा की तरफ से प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, अजीत पवार और जयंत पाटिल आज मिल सकते हैं.

मंगलवार दोपहर कांग्रेस के सीनियर नेताओं अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और एके एंटनी ने सोनिया से मुलाकात कर महाराष्ट्र से जुड़ी स्थिति के बारे में जानकारी दी थी.

दिल्ली में शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा था कि महराष्ट्र में अगले महीने की शुरुआत में शिवसेना के नेतृत्व में सरकार बन जाएगी जो स्थिर सरकार होगी. राउत ने कहा कि सरकार गठन को लेकर शिवसेना में कोई भ्रम नहीं है, लेकिन मीडिया भ्रम फैला रहा है.  (इनपुट: एजेंसी)