Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की दशहरा रैली में दिए गए बयान के बाद भाजपा नेता ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद नारायण राणे ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि सुशांत और दिशा की आत्महत्या नहीं है उनकी हत्या हुई है और मौके पर महाराष्ट्र का एक मंत्री भी मौजूद था. जल्द ही इसका खुलासा होगा. उन्होंने ये भी कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में उद्धव ठाकरे के पुत्र व पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का हाथ था. उन्होंने उद्धव पर आरोप लगाया कि दशहरा रैली केवल मात्र आदित्य ठाकरे को क्लीनचिट देने के लिए थी. Also Read - 500 Crore Defamation Case: यूट्यूबर ने अक्षय कुमार के 500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस का किया विरोध, जानिए पूरा मामला

नारायण राणे ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में उद्धव ठाकरे पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह और दिशा सालियान की कथित आत्महत्या मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन उद्धव ठाकरे शक्ति का दुरुपयोग कर अपने बेटे को क्लीनचिट देने में लगे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने उद्धव ठाकरे को प्रगतिशील महाराष्ट्र के ‘बुद्धू’ मुख्यमंत्री तक कह दिया और कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने के लायक नही है. Also Read - Sushant Death Case: अक्षय कुमार ने रिया को कनाडा भगाने में की मदद... ऐसा दावा करने वाले यूट्यूबर पर 500 करोड़ का केस

भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने रविवार को दशहरा रैली में सुशांत सिंह मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि लोगों ने बिहार के बेटे के न्याय के लिए मेरे बेटे, मुंबई और मुंबई पुलिस के साथ महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश की. इसपर राणे ने कहा, जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी कि किसने सुशांत सिंह की हत्या की थी और किसने दिशा सालियान के साथ दुष्कर्म किया था. Also Read - प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल चुके 6 राज्यों को केंद्र ने दी 4,382 करोड़ की सहायता, सबसे अधिक पश्चिम बंगाल को मिला

नारायण राणे ने कहा कि शिवसेना के 53 विधायक पीएम मोदी के नाम पर चुनकर आए हैं और इंतजार कीजिए अगले चुनाव में शिवसेना 10 से 15 सीटों तक ही सिमटकर रह जाएगी. राणे ने उद्धव ठाकरे को मराठा विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हें डीजीपी, जीएसटी और बजट के बारे में कोई समझ नहीं है. वह बेईमानी कर मुख्यमंत्री बने हैं।.

राणे ने कहा कि अब तक जितने राज्य में मुख्यमंत्री बने हैं, उन्होंने अपने भाषण, कार्यशैली और विचार से महाराष्ट्र का मान बढ़ाया है, लेकिन ठाकरे इसके अपवाद हैं. वहीं, शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत को विदूषक कहते हुए उनकी खिल्ली उड़ाई.