Maharashtra: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की दशहरा रैली में दिए गए बयान के बाद भाजपा नेता ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद नारायण राणे ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि सुशांत और दिशा की आत्महत्या नहीं है उनकी हत्या हुई है और मौके पर महाराष्ट्र का एक मंत्री भी मौजूद था. जल्द ही इसका खुलासा होगा. उन्होंने ये भी कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में उद्धव ठाकरे के पुत्र व पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का हाथ था. उन्होंने उद्धव पर आरोप लगाया कि दशहरा रैली केवल मात्र आदित्य ठाकरे को क्लीनचिट देने के लिए थी.Also Read - Nitesh Rane Bail: BJP विधायक नितेश राणे की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज, शिवसेना कार्यकर्ता पर जानलेवा हमले का आरोप

नारायण राणे ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में उद्धव ठाकरे पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह और दिशा सालियान की कथित आत्महत्या मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन उद्धव ठाकरे शक्ति का दुरुपयोग कर अपने बेटे को क्लीनचिट देने में लगे हैं. इतना ही नहीं उन्होंने उद्धव ठाकरे को प्रगतिशील महाराष्ट्र के ‘बुद्धू’ मुख्यमंत्री तक कह दिया और कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने के लायक नही है. Also Read - 'Maharashtra में मार्च में सरकार का गठन करेगी BJP', केंद्रीय मंत्री Narayan Rane के इस बयान के क्या हैं मायने?

भाजपा सांसद नारायण राणे ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने रविवार को दशहरा रैली में सुशांत सिंह मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि लोगों ने बिहार के बेटे के न्याय के लिए मेरे बेटे, मुंबई और मुंबई पुलिस के साथ महाराष्ट्र को बदनाम करने की कोशिश की. इसपर राणे ने कहा, जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी कि किसने सुशांत सिंह की हत्या की थी और किसने दिशा सालियान के साथ दुष्कर्म किया था. Also Read - Maharashtra: एक मंच पर साथ नजर आए धुर विरोधी नरायण राणे और उद्धव ठाकरे, जानिए क्या है मामला?

नारायण राणे ने कहा कि शिवसेना के 53 विधायक पीएम मोदी के नाम पर चुनकर आए हैं और इंतजार कीजिए अगले चुनाव में शिवसेना 10 से 15 सीटों तक ही सिमटकर रह जाएगी. राणे ने उद्धव ठाकरे को मराठा विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हें डीजीपी, जीएसटी और बजट के बारे में कोई समझ नहीं है. वह बेईमानी कर मुख्यमंत्री बने हैं।.

राणे ने कहा कि अब तक जितने राज्य में मुख्यमंत्री बने हैं, उन्होंने अपने भाषण, कार्यशैली और विचार से महाराष्ट्र का मान बढ़ाया है, लेकिन ठाकरे इसके अपवाद हैं. वहीं, शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत को विदूषक कहते हुए उनकी खिल्ली उड़ाई.