महाराष्ट्र के मंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के द्वारा लगाए गंभीर आरोपों के बीच आज महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट की मीटिंग आज बुधवार को होने जा रही है. महा विकास अघाड़ी सरकार की कैबिनेट की मीटिंग मुंबई के मालाबार हिल में स्थित सहयाद्री गेस्ट हाउस में होगी. महाराष्ट्र में पुलिस अधिकरियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और अवैध वसूली के आरोपों के घेरे में आए राज्य के गृह मंत्री अनिल को लेकर चर्चा हो सकती है.
वहीं, मुंबई में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा नेता का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलने राजभवन पहुंचा है.
Mumbai: A delegation of BJP leader led by Devendra Fadnavis arrives at Raj Bhavan to meet Governor Bhagat Singh Kosiyari. pic.twitter.com/OwWVYgUQXW
— ANI (@ANI) March 24, 2021
वहीं, सुप्रीम कोर्ट आज ही बुधवार को महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करने वाली मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा. इस याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी की पीठ करेगी.
Maharashtra Cabinet to meet today at Sahyadri Guest House, Malabar Hill in Mumbai
— ANI (@ANI) March 24, 2021
सरकार ने राज्य के खुफिया विभाग की एक ठोस रिपोर्ट पर ”कार्रवाई नहीं की: देवेंद्र फडणवीस
वहीं, कल मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दावा किया था कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा वसूली संबंधी आरोप लगाए जाने के बाद यह भी दावा किया कि राज्य में महा विकास आघाडी सरकार ने राज्य के खुफिया विभाग की एक ठोस रिपोर्ट पर ”कार्रवाई नहीं की, जिसमें पुलिस अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति में भ्रष्टाचार के संबंध में हुई बातचीत का ऑडियो था.
सचिन वझे 25 मार्च तक एनआईए की हिरासत में
बता दें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास 25 फरवरी को एक संदिग्ध कार से जिलेटिन की 20 छड़ें बरामद होने के मामले और कारोबारी मनसुख हिरन की हत्या के मामले में मुंबई पुलिस का निलंबित अधिकारी सचिन वझे 25 मार्च तक एनआईए की हिरासत में है.
कॉल पर की गई बातचीत का ‘6.3 जीबी डेटा’
पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि तत्कालीन खुफिया आयुक्त रश्मि शुक्ला द्वारा इजाजत लेकर फोन टैप किए गए थे और कॉल पर की गई बातचीत का ‘6.3 जीबी डेटा’ उनके पास है, जिसमें कई अहम पुलिस अधिकारियों के नामों पर चर्चा की गई थी. भाजपा नेता ने कहा कि इन सभी फोन कॉल को राज्य सरकार से उचित अनुमति लेकर शुक्ला ने रिकॉर्ड किया था, लेकिन अगस्त 2020 में मुख्यमंत्री (उद्धव ठाकरे) को रिपोर्ट सौंपने के बावजूद रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
फडणवीस बोले- पवार साहब को कल ठीक से इसके बारे में नहीं बताया गया
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फडणवीस ने यह भी कहा, ”वीआईपी लोगों के आवागमन संबंधी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अनिल देशमुख 17 फरवरी को मुंबई में सह्याद्री अतिथि गृह और 24 फरवरी को मंत्रालय गए थे.” उन्होंने कहा, ”देशमुख 15 फरवरी से 27 फरवरी के बीच घर पर पृथक-वास में थे, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात कर रहे थे. मुझे लगता है कि पवार साहब को कल ठीक से इसके बारे में नहीं बताया गया.”
आईपीएस ने गृह मंत्री के आवास की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की है
बता दें कि परमबीर सिंह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने याचिका में कोर्ट मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से उनके तबादले को मनमाना और गैरकानूनी होने का आरोप लगाते हुए इस आदेश को रद्द करने का भी अनुरोध किया है. सिंह ने एक अंतरिम राहत के तौर पर अपने तबादला आदेश पर रोक लगाने और राज्य सरकार, केंद्र तथा सीबीआई को गृह मंत्री अनिल देशमुख के आवास की सीसीटीवी फुटेज फौरन कब्जे में लेने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है. आईपीएस परमबीर सिंह ने अपनी याचिका में कहा है, याचिकाकर्ता ने साक्ष्यों को नष्ट कर दिये जाने से पहले, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के कदाचार की पूर्वाग्रह रहित, अप्रभावित, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने का इस अदालत से अनुरोध करते हुए रिट अधिकार क्षेत्र का सहारा लिया है.”
आईपीएस ने 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट का आरोप लगाया है
आईपीएस परमबीर सिंह ने आरोप लगाया है, ” मंत्री अनिल देशमुख ने अपने आवास पर फरवरी 2021 में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनदेखी करते हुए अपराध खुफिया इकाई, मुंबई के सचिन वाजे और समाज सेवा शाखा, मुंबई के एसीपी संजय पाटिल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की तथा उन्हें हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करने का लक्ष्य दिया था. साथ ही, विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं अन्य स्रोतों से भी उगाही करने का निर्देश दिया था.
खुफिया आयुक्त ने कदाचार को संज्ञान में लाया था
आईपीएस सिंह ने कहा है कि इस बारे में विश्वसनीय जानकारी है कि टेलीफोन बातचीत की निगरानी के आधार पर पदस्थापना/तबादला में देशमुख के कदाचार को 24-25 अगस्त 2020 को राज्य खुफिया विभाग की खुफिया आयुक्त रश्मि शुक्ला ने पुलिस महानिदेशक के संज्ञान में लाया था, जिन्होंने इससे अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, महाराष्ट्र सरकार को अवगत कराया था. उन्होंने कहा कि इसके बाद 17 मार्च को महाराष्ट्र सरकार की एक अधिसूचना के जरिये उनका मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से होम गार्ड विभाग में मनमाने और गैरकानूनी तरीके से तबादला कर दिया गया, जबकि उन्होंने उस पद पर दो साल का न्यूनतम निधार्रित कार्यकाल भी पूरा नहीं किया था.
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