पुणे: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में पूर्ण कृषि ऋण माफी का भरोसा दिलाया है. ठाकरे का यह बयान बुधवार को शिवसेना नीत गठबंधन सरकार द्वारा कृषि रिण माफी को औपचारिक रूप से मंजूर किए जाने के एक दिन बाद आया है. ठाकरे ने कहा, हमने कृषकों को फौरी राहत के तौर पर दो लाख रुपए (प्रति किसान) ऋण की माफी की है. लेकिन हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनका समूचा (फसल का) ऋण माफ हो. वहीं, उन्‍होंने पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा.

इस योजना के तहत नए सिरे से तय की गई पुनर्भुगतान की किश्त (लघु अवधि कृषि ऋण) के 30 सितंबर 2019 तक के बकाए को माफ किया जाएगा. इसके तहत एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक किसानों द्वारा लिए गए दो लाख रुपए तक के लघु अवधि के कृषि ऋण बट्टे खाते में डाल दिए जाएंगे.

मुख्‍यमंत्री उद्धव  ठाकरे ने पुणे में वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट की सालाना आम सभा बैठक को संबोधित करते हुए यह कहा. इस संस्थान के अध्यक्ष एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी उपस्थित थे.

अपने भाषण के दौरान ठाकरे ने पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान को लेकर उन्हें आड़े हाथ लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है. शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने चुटकी लेते हुए कहा, शरद पवार ने हमें सिखाया है कि कृषि उत्पादकता कैसे बढ़ाई जाए और विधानसभा में कम संख्या में विधायकों के होने पर भी कैसे सरकार बनाई जाए.

बीजेपी और शिवसेना ने 21 अक्टूबर को हुआ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव साथ मिल कर लड़ा था, लेकिन शिवसेना के कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिलाने पर भगवा दलों का गठबंधन टूट गया. इसके बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने नवंबर के अंत में महाराष्ट्र विकास अघाड़ी की सरकार बनाई. पवार इस सत्तारूढ़ गठबंधन के मुख्य योजनाकार माने जाते हैं.