मुंबई: नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) पर इन दिनों देश के कई हिस्सों में बवाल मचा हुआ है. विपक्षी दल भी नागरिकता कानून पर सत्ताधारी पार्टी भाजपा को घेरने की कोशिश में लगी है, लेकिन इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने इस कानून (CAA) का समर्थन किया है. Also Read - Coronavirus का रिकॉर्ड तेजी से संक्रमण, महाराष्‍ट्र में 67,123 नए मामले और दिल्‍ली में आए 24,375

CM उद्धव ठाकरे का कहना है कि CAA भारत के किसी भी नागरिक की नागरिकता नहीं छीनता, लेकिन CAA के समर्थन के साथ ही उन्होंने NRC (National Register of Citizens) का विरोध किया है. उन्होंने महाराष्ट्र में NRC लागू करने से इनकार किया है. शिवसेना सांसद संजय राऊत (Sanjay Raut) ने एक इंटरव्यू के दौरान ये बातें कहीं. Also Read - Mumbai का यह बड़ा अस्‍पताल COVID19 हॉस्‍प‍िटल में तब्‍दील, यहां गैर कोरोना मरीज नहीं होंगे भर्ती

सांसद संजय राउत ने कहा कि CM उद्धव ठाकरे एनआरसी को महाराष्ट्र (Maharashtra) में लागू नहीं होने दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने नागरिकता कानून के सपोर्ट की बात भी साफ की है. वहीं बीते कुछ दिनों से हिंदुत्व की ओर धुंधला रुख रखने को लेकर विवादों में घिरे महाविकास अघाड़ी की सरकार के मुखिया उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर हिंदुत्व का नारा बुलंद किया है. Also Read - COVID19: Maharashtra में Lockdown जैसे प्रतिबंधों के बीच दिखे ये नजारे

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इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने साफ कहा है कि शिवसेना (Shiv Sena) हमेशा से ही हिंदुत्व विचारधारा वाली पार्टी रही है और पार्टी ने कभी भी अपनी हिंदुत्ववादी विचारधारा को छोड़ा नहीं है और ना ही कभी अपनी इस विचारधारा से कोई समझौता किया है. सामना के संपादक संजय राउत को दिए इंटरव्यू में महाराष्ट्र के मुखिया उद्धव ठाकरे ने पार्टी की विचारधारा पर बात करते हुए कहा कि, ‘हमने हिंदुत्व को कभी नहीं छोडा है और ना ही छोड़ेंगे. हमने अन्य पार्टी से गठबंधन किया है इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि हमने धर्म बदल लिया है.’