मुंबई: महाराष्‍ट्र की राजधानी मुंबई पर 10 साल पहले, इसी दिन (26/11) हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकियों से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले जाबांजों को सोमवार को पुष्पांजलि अर्पित की गई. महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.वी.राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, कैबिनेट मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को मुंबई हमले की 10वीं बरसी पर इस हमले में जान गंवा चुके लोगों को श्रद्धांजलि दी. राज्यपाल राव, सीएम फडणवीस और अन्य अधिकारी चौपाटी में शहीदों के स्मारक पर पहुंचे और पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी.

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत कई गणमान्य लोगों ने दक्षिण मुंबई में मुंबई पुलिस जिमखाना में 26/11 पुलिस स्मारक स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. फडणवीस ने कहा, ”मैं उन साहसी पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जो मुंबई को सुरक्षित बनाने के लिए लड़े और 26/11 को उन्होंने हमारे लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. हमें उन पर गर्व है और हमारे राज्य की सुरक्षा और सलामती को कायम रखने के लिए हम संघर्ष जारी रखेंगे.” इस कार्यक्रम में राज्यपाल विद्यासागर राव, महाराष्ट्र पुलिस प्रमुख दत्ता पडसलगीकर, मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध कुमार जायसवाल भी शामिल हुए.

10 आतंकियों का कहर, 166 लोगों की हत्‍याएं
26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से समुद्र मार्ग से आए 10 आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 18 सुरक्षाकर्मियों समेत 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को घायल कर दिया था. उस हमले में आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे, सेना के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक कामटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय सालस्कर की भी मौत हो गई थी. यह हमला 26 से 29 नवंबर तक चला था.

कई जगहों पर आतंकियों ने किए थे हमले
आतंकियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ओबेरॉय ट्राइडेंट, ताज महल होटल, लियोपोल्ड कैफे, कामा अस्पताल और यहूदी सामुदायिक केंद्र नरीमन हाउस को खासतौर पर निशाना बनाया था. हमलावरों में से एक अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था. 21 नवंबर 2012 को उसे फांसी दे दी गई थी.

जहां हमले हुए, वहां स्‍मारक बनाए
पुलिस महानिदेशक दत्ता पडसालगिकर, मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध जैसवाल के नेतृत्व में पुलिस विभाग स्मारक स्थल पहुंचा. इसी तरह के स्मारक उन स्थानों पर भी बनाए गए हैं, जहां हमले हुए थे. इनमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, होटल ताज महल पैलेस, द ऑबेरॉय होटल, नरीमन हाउस, कोलाबा में चबाड हाउस, लियोपोल्ड कैफे और कामा हॉस्पिटल शामिल हैं. इस घटना को मद्देनजर रखते हुए सोमवार से नरीमन हाउस का नाम बदलकर नरीमन लाइट हाउस कर दिया गया है और यहां सभी पीड़ितों की याद में स्थाई स्मारक बनाया गया है.

मेमोरियल में 166 पीडि़तों के नाम लिखे हैं
चबाड हाउस के रब्बी इजरायल कोजलोव्सकी ने कहा कि नरीमन लाइटहाउस मेमोरियल कोलाबा में इमारत की ऊपरी मंजिल पर बनाया गया है और इसका उद्घाटन आज राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े और भारत में इजरायल के राजदूत रॉन मल्का करेंगे. इस मेमोरियल के पहले चरण में एक पट्टिका लगाई गई है, जिस पर मुंबई हमले के सभी 166 पीड़ितों के नाम लिखे हैं.
रब्बी ने कहा कि इसे थोड़ी देर में आम जनता के लिए खोला जाएगा.