मुंबई: महाराष्ट्र में लॉकडाउन 31 मई से आगे बढ़ाया जा सकता है. खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस बात के संकेत दिए हैं. दरअसल उद्धव ठाकरे ने 31 मई के बाद लॉकडाउन की समय सीमा पर कहा कि अचानक लॉकडाउन लागू करना गलत था, लेकिन हम इसे तुरंत समाप्त नहीं कर सकते. Also Read - कोरोना: महाराष्ट्र के इस जिले में 10 से 18 जुलाई तक लागू होगा सख्त लॉकडाउन, जानें डिटेल

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, “हम यह नहीं कह सकते कि 31 मई तक लॉकडाउन खत्म हो जाएगा. हमें देखना होगा कि हम कैसे आगे बढ़ें. आने वाला समय महत्वपूर्ण है क्योंकि वायरस तेजी से बढ़ रहा है. मैं मेडिकल बिरादरी के साथ हर परिस्थिति में होने का भरोसा दिलाता हूं.” Also Read - Coronavirus in Thane: महाराष्ट्र में कोविड-19 का प्रकोप, ठाणे में संक्रमितों की संख्या 42,420 हुई, मृतकों की संख्या 1,268 पहुंची

महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामले बढ़ने के बीच ठाकरे ने यह भी कहा कि आने वाले बारिश के मौसम (मानसून) में अत्यधिक सतर्क होने की जरूरत है. उन्होंने टीवी पर प्रसारित एक संदेश में कहा, ‘‘अचानक लॉकडाउन लागू किया जाना गलत था. इसे तुरंत हटा देना भी उतना ही गलत होगा. हमारे लोगों के लिये यह दोहरा झटका होगा.’’ Also Read - मुंबई में डिप्रेशन के कारण 16 साल की लड़की ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- I am Sorry मां

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिये राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. इसका प्रथम चरण 25 मार्च से 14 अप्रैल था, जिसे 15 अप्रैल से बढ़ाते हुए तीन मई तक (दूसरा चरण) किया गया था. इसका तीसरा चरण चार मई से 17 मई तक था और अब लॉकडाउन 4.0 कुछ छूट के साथ 18 मई से 31 मई तक है.

इसके अलावा उन्होंने हवाई यात्रा को बहाल करने के लिए केंद्र सरकार से समय मांगा है. इसको लेकर उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बात भी की है. ठाकरे ने कहा, “आज सुबह मैंने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बात की और उनसे अनुरोध किया कि हमें तैयारी करने के लिए कुछ समय दिया जाए (डॉमेस्टिक हवाई यात्रा फिर से शुरू करने के लिए).”

ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार ने थोड़ी मदद की है लेकिन वह कोई राजनीतिक छींटाकशी नहीं करेंगे. उल्लेखनीय है कि ठाकरे की पार्टी शिवसेना ने पिछले साल भाजपा से वर्षों पुराना अपना नाता तोड़ लिया था.

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार को अभी तक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की बकाया राशि नहीं मिली है. ट्रेन टिकट किराये (प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिये) का केंद्र का हिस्सा मिलना अभी तक बाकी है. कुछ दवाइयों की अब भी कमी है. शुरूआत में, हमने पीपीई किट और अन्य उपकरणों की कमी का भी सामना किया.’’