मुंबई: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को साफ किया कि 3 मई के बाद महाराष्ट्र में लॉकडाउन से हर हाल में छूट दी जाएगी. ठाकरे ने कहा कि वह कुछ इलाकों में तीन मई के बाद लॉकडाउन से छूट देंगे. उन्होंने कहा कि वह आने वाले समय में सावधानी से आगे बढ़ेंगे. Also Read - केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला- दिल्ली के अस्पताल में दिल्लीवासियों का होगा इलाज, बाहरी लोगों का नही

उन्होंने कहा, “तीन मई के बाद निश्चित रूप से हम कुछ इलाकों की स्थिति को देखते हुए छूट देंगे, लेकिन आप सभी सतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है वह बेकार हो जाएगा. हम धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे.” Also Read - अफगानिस्तान के शीर्ष क्रिकेटरों ने काबुल में शुरू किया अभ्यास

बता दें कि देश में लागू लॉकडाउन के दूसरे चरण के समाप्त होने से पहले केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में 130 जिलों को रेड जोन, 284 को ऑरेंज जोन और 319 को ग्रीन जोन घोषित किया है. महाराष्ट्र के 14 जिले रेड जोन, 16 ऑरेंज जोन और छह ग्रीन जोन में शामिल हैं. Also Read - पब्लिक प्‍लेस पर आईजी मास्‍क पहनना भूल गए, एसएचओ ने किया फाइन, जानें ये सब कैसे हुआ

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोग कोरोना से घबराएं नहीं. उन्होंने कहा कि यह केवल समय पर उपचार शुरू करने के बारे में है. कुछ दिनों में बच्चों से लेकर 83 साल के लोग ठीक होकर घर चले गए हैं. ठाकरे ने आगे कहा कि वेंटिलेटर पर मौजूद लोग भी ठीक हो रहे हैं. “हम तीन मई के बाद निश्चित रूप से कुछ क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए छूट देंगे, लेकिन सतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है वह बर्बाद हो जाएगा. इसलिए, हम धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे.”

‘लाइव वेबकास्ट’ में उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के नियमों में जल्दबाजी में कोई ढील नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘ हम पूरी सावधानी से चलेंगे. कोविड-19 के रेड जोन मुम्बई, पुणे, नागपुर और औरंगाबाद से लॉकडाउन हटाना किसी के हित में नहीं है, जहां वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.’’

ठाकरे ने कहा कि ऑरेंज जोन में हालांकि कोई नए मामले नहीं हैं, लेकिन वहां कुछ संक्रमित लोगों का इलाज जारी है. जबकि ग्रीन जोन में वायरस का कोई मामला नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘ हम ग्रीन जोन में भी कोई जोखिम नहीं उठा सकते. ढील सावधानीपूर्वक और चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी.’’

लॉकडाउन के कारण लोगों को परेशानी होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ किसी भी देश की वास्तविक संपत्ति उसके लोगों का अच्छा स्वास्थ्य है. अगर लोग सुरक्षित हैं तो सब सही है.’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के दिमाग में कोविड-19 को लेकर डर है. इसे उन्होंने ‘‘कोविड-सिंड्रोम’’ करार दिया.

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें इससे बाहर निकलना होगा. हमें पता होना चाहिए कि अगर इस बीमारी का समय पर पता चल जाए, तो इलाज मुमकिन है.’’ ठाकरे ने कहा कि वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की दिशा में लॉकडाउन एक ‘स्पीड ब्रेकर’ साबित हुआ है. वहीं राज्य में अधिक जांच के कारण अधिक मामले भी सामने आए हैं. उन्होंने लोगों को राज्य के 60वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं.

(इनपुट भाषा)