मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में एनआरसी लागू नहीं होने देगी. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि उन्हें एनपीआर से कोई दिक्कत नहीं है और NPR की प्रक्रिया राज्य में होगी. Also Read - CycloneTauktae LIVE: सौराष्ट्र के तटीय इलाकों की ओर बढ़ा तूफान, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) एक्सरसाइज को अवरुद्ध नहीं किया है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वह खुद एनपीआर में मौजूद “कॉलम की व्यक्तिगत जाँच” करेंगे. उन्होंने दोहराया कि राज्य में इसे लागू करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. Also Read - इनकम टैक्‍स कमिश्‍नर ने लेडी डॉक्‍टर से किया रेप, प्रेग्‍नेंट होने के बाद मामले में आया ये बड़ा मोड़

उन्होंने कहा, “सीएए और एनआरसी अलग हैं और एनपीआर अलग है. अगर सीएए लागू होता है तो किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. एनआरसी आभी आई नहीं है और राज्य में इसे लागू नहीं किया जाएगा.” उन्होंने कहा कि राज्य में एनपीआर होगा क्योंकि इसके बारे में कुछ भी विवादास्पद नहीं है, उन्होंने कहा, वह एनआरसी को लागू करने की अनुमति नहीं देगें.

ठाकरे ने कहा, “यदि एनआरसी को लागू किया जाता है, तो यह न केवल हिंदू या मुस्लिम बल्कि आदिवासियों को भी प्रभावित करेगा. एनपीआर एक जनगणना है, और मुझे नहीं लगता कि कोई भी इससे प्रभावित होगा क्योंकि यह हर 10 साल में होती है.”