Maharashtra: केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI)  को अब महाराष्ट्र (maharashtra) में बिना इजाजत एंट्री नहीं मिलेगी.  महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने सीबीआई को दी गई आम सहमति बुधवार को वापस ले ली है, इससे अब सीबीआई महाराष्ट्र में किसी मामले की जांच बिना महाराष्ट्र सरकार की अनुमति के नहीं कर सकेगी. बता दें कि इससे पहले राजस्थान (Rajasthan), छत्तीसगढ़ (Chattisgarh)और पश्चिम बंगाल (WEst Bengal) ने भी सीबीआई को बिना अनुमति केस की जांच पर रोक लगा दी है. Also Read - प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल चुके 6 राज्यों को केंद्र ने दी 4,382 करोड़ की सहायता, सबसे अधिक पश्चिम बंगाल को मिला

महाराष्ट्र सरकार में गृह विभाग के उपसचिव कैलाश गायकवाड की ओर से सीबीआई जांच के संबंध में यह आदेश जारी किया गया है, लेकिन यह आदेश अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushsant Singh Rajput)मामले की जांच में लागू नहीं होगी. क्योंकि यह जांच सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश से हो रही है. Also Read - प्याज कुछ यूं बरसा रहा है प्यार, कहीं तो 100 रुपये किलो, कहीं बिक रहा 35 रुपये, जानिए कीमत

दरअसल, महाराष्ट्र सरकार नहीं चाहती कि टीआरपी (TRP) मामले की जांच सीबीआई करे. इसलिए ठाकरे सरकार का यह निर्णय टीआरपी स्कैम (TRP Scam)जांच के बीच में सीबीआई के दखल के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि इस महीने की शुरुआत में टीआरपी में हेराफेरी को लेकर रिपब्लिक टीवी (REpublic TV)के खिलाफ जांच शुरू करने के बाद यह विवाद शुरू हुआ है. Also Read - Bihar Munger Violence: संजय राउत ने पूछा-मुंगेर की घटना पर भाजपा नेता ना सवाल कर रहे, ना बवाल, क्यों

मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी एक विज्ञापन कंपनी के प्रमोटर की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज किया था और उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया है.

गौरतलब है कि टीआरपी घोटाला तब सामने आया था जब रेटिंग एजेंसी ब्राडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और इसके आधार पर मुंबई पुलिस ने टीआरपी में हेरफेर में धांधली की जांच शुरू की थी. मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर रिपब्लिक टीवी सहित फक्त मराठी और बॉक्स मराठी पर टीआरपी में हेरफेर का आरोप लगाया था. बता दें कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.