नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट का महाराष्‍ट्र की विधानसभा के सदन में बहुमत का परीक्षण कराने का आदेश आने के बाद बीजेपी के नेताओं की मुंबई में मीटिंग हो रही है. इसमें शामिल होने के लिए एनसीपी नेता अजित पवार भी पहुंचे हैं. वहीं, कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने शीर्ष कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जताई है. एनसीपी ने कहा, सत्यमेव जयते, भाजपा का खेल खत्म. कांग्रेस ने कहा कि संविधान दिवस पर संविधान का सम्मान हुआ है. शिवसेना ने कहा, सत्य की जीत हुई.

बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें.

शीर्ष अदालत का फैसला आने के बाद मुंबई में बीजेपी नेताओं की कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई. मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर हो रही इस बैठक में शामिल होने के लिए आशीष शेलार, रावसाहेब दानवे, गिरीश महाजन, भूपेंद्र यादव समेत अन्‍य बीजेपी सीएम के रेसिडेंस में पहुंचे हैं. वहीं, डिप्‍टी सीएम अजित पवार भी मुख्‍यमंत्री के निवास पर पहुंच गए हैं.

शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी शीर्ष कोर्ट के महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के फैसले से संतुष्ट है. कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्‍हाण ने कहा, संविधान दिवस पर संविधान का सम्मान हुआ. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने ट्वीट किया, ‘‘हम माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं. लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है और धन तथा बाहुबल से कहीं अधिक शक्तिशाली है. हम 162 हैं.

सुप्रीम कोर्ट के फैसला पर शिवसेना ने कहा, सत्य की जीत होगी, उसकी कभी हार नहीं हो सकती. वहीं कोर्ट के फैसले पर राकांपा के नेता नवाब मलिक ने सत्यमेव जयते, भाजपा का खेल खत्म.

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, सत्य की जीत हुई. अदालत ने 30 घंटे का समय दिया है, हम 30 मिनट में बहुमत साबित कर सकते हैं.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा.

शीर्ष अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें. अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए.

जस्टिस एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए. राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे, जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे. (इनपुट: एजेंसी)