मुंबई: महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को कहा कि राज्य में डॉक्टरों, पैरामेडिकल समेत स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों को कोविड-19 के टीके प्राथमिकता के साथ लगाएं जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार टीकों की कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठाएगी. देशमुख ने कहा कि राज्य में टीकाकरण के दूसरे चरण में प्राथमिकता 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों तथा अन्य बीमारियों से ग्रस्त बुजुर्गों को दी जाएगी.Also Read - नौ दिसंबर तक वानखेड़े के खिलाफ न ट्वीट करूंगा न सार्वजनिक बयान दूंगा: नवाब मलिक

भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने रविवार को ही सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित ऑक्सफोर्ड के टीके ‘कोविशील्ड’ और भारत बायोटेक के स्वदेश विकसित ‘कोवैक्सीन’ के देश में सीमित आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी है. Also Read - आदिवासियों से बदसलूकी और मारपीट के आरोप में विरार से एक व्यक्ति गिरफ्तार

देशमुख ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार ने डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स समेत स्वास्थ्य कर्मियों को पुलिस कर्मियों के साथ प्राथमिकता पर टीका लगाने का फैसला किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोविड-19 के टीकों की कोई कालाबाजारी नहीं हो.’’ Also Read - समीर वानखेड़े पर नवाब मलिक के ट्वीट द्वेष से प्रेरित हैं, लेकिन उन पर रोक नहीं लगाई जा सकती: बॉम्‍बे हाईकोर्ट

गौरतलब है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) की ओर से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को भारत में आपात यूज की इजाजत दे दी गई है. अब उम्मीद है कि जल्द ही देश में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन की शुरुआत हो जाएगी.

इधर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने कहा कि वह भारतीय औषधि नियामक से मंजूरी मिलने के बाद आने वाले हफ्तों में देश में कोविशिल्ड टीका उपलब्ध कराने के लिये तैयार है.