मुंबई. आखिरकार महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार विधानसभा घेरने आए 30 हजार किसानों को मानने में कामयाब रही और उन्‍होंने सोमवार शाम को अपना आंदोलन वापस ले लिया. सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, ‘ हमने अधिकतर उनकी मांगें मान ली हैं और हमने एक लिखित पत्र भी दिया है. वहीं, किसनों कहा कि सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं.हम खुश हैं. बता दें कि बीती 6 मार्च ने करीब 30 हजार किसान अपनी मांगों को लेकर नासिक से मुंबई की ओर विधानसभा घेरने के लिए रवाना हुए थे. नासिक से मुंबई का 180 किलोमीटर का सफर करके किसानों की रैली सोमवार सुबह आजाद नगर पहुंची थी. किसानों विधानसभा घेरने की चेतावनी दी थी.

सरकार और किसानों के बीच हुई मीटिंग
सीएम फडणवीस से किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ बातचीत हुई. सरकार और किसानों की बीच करीब तीन घंटे तक बातचीत चली। इसमें करीब 14 मुद्दों पर चर्चा की गई इसके बाद किसानों ने आंदोलन खत्‍म करने पर सहमत हो गए.  सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, ‘किसानों की 80 फीसदी मांग मान ली गई हैं. आदिवासी राशन कार्ड 3 महीने में दिया जाएगा. वन जमीन को लेकर सरकार ने किसानों से 6 महीने का समय मांगा है। सरकार के लिखित आश्वासन देने पर किसानों ने आंदोलन वापस लेने का भरोसा दिया है. किसानों के साथ बैठक हुई और सभी बातों पर चर्चा हुई. किसान नेता आंदोलन को खत्म करने का एलान करेंगे. एक अन्‍य मंत्री के मुताबिक 6 महीने में किसानों की मांगों पर काम शुरू हो जाएगा. 

किसान बोले- हमारी सभी मांगे मान ली गईं हम हम खुश हैं
किसान संजय सुखदेव ने कहा, ‘ सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं। हम खुश हैं. सभी दलों के नेताओं और मुंबई की जनता ने हमारा पूरा सहयोग किया. हमारी ताकत उनकी ताकत से मिलने के बाद ही यह परिणाम सामने आया है.’

किसानों को स्‍पेशल ट्रेन से भिजवाया
-किसानों को उनके घर तक पहुंचने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग सरकार ने मान ली गई. मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से यह दोनों ट्रेनें शाम 8:50 बजे और रात 10 बजे की हैं. किसानों को एक ट्रेन भुसावल तक और दूसरी नागपुर तक लेकर जा रहीं हैं.

(इनपुट- एजेंसी)