Maharashtra government issued guidelines regarding Eid al Adha: महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते आगामी बकरीद सामान्य रूप से मनाया जाना चाहिए और उन्होंने लोगों से दिशानर्देशों का पालन करने का आह्वान किया. इस सप्ताह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, देशमुख और अन्य मंत्रियों ने इस महीने के आखिर में आ रही बकरीद को लेकर एक बैठक की थी एवं उसके बाद दिशानिर्देश जारी किये गए थे. Also Read - कोरोना से सबसे ज्‍यादा प्रभावित महाराष्‍ट्र में अब तक 43,463 मौतें हो चुकी, ये है Active Cases की संख्‍या

एक सरकारी बयान के अनुसार देशमुख ने कहा,‘‘ कोविड-19 महामारी के चलते इस साल बकरीद सामान्य रूप से मनाया जाना चाहिए.’’ राज्य सरकार ने एक बार फिर कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों पर पाबंदी है तथा लोगों को मस्जिदों में नहीं बल्कि घरों में ही नमाज अदा करनी चाहिए. उसने यह भी कहा कि कुर्बानी के जानवर ऑनलाइन या फोन पर खरीदे जाएं क्योंकि इससे संबंधित बाजार बंद रहेंगे और यह कि ‘कुर्बानी’ प्रतीकात्मक हो. Also Read - आठवले की पार्टी में शामिल हुईं पायल घोष, अनुराग कश्यप पर लगाया है #MeToo का आरोप; तस्वीरें

सरकार ने कहा कि बकरीद के दौरान भी निषिद्ध क्षेत्रों में पाबंदियों में कोई ढील नहीं होगी तथा लोगों को त्योहार के दिन सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा नहीं होने का निर्देश दिया जाता है. स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा घोषित सारे दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए. बकरीद का पर्व एक अगस्त को है. बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र में कोविड-19 संक्रमण के मामले 2,84,281 हो गये जो देश में सर्वाधिक है. Also Read - महाराष्ट्र के इस गांव में होती है रावण की पूजा, नहीं जलाते हैं पुतले; आखिर क्यों?

बकरीद के त्यौहार को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कहा-

  • नमाज मस्जिदों, ईदगाहों या सार्वजनिक जगहों पर अता ना करें
  • नमाज अपने अपने घरों में ही अता करें
  • कुर्बानी के लिए जानवर की खरीदी ऑनलाइन या फोन से करें, इसके लिए बाज़ार या मंडी में ना जाएं

महाराष्ट्र सरकार ने बयान में कहा है, “कंटेनमेंट जोन्स में ईद के लिए प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं होगी, और लोगों को त्योहार के दिन सार्वजनिक स्थानों पर एकत्र नहीं होना चाहिए. “स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा घोषित सभी दिशानिर्देशों का निष्ठापूर्वक पालन किया जाना चाहिए.”