मुंबईः महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन की वजह से राजस्थान के कोटा में फंसे लगभग 2,000 छात्रों को वापस लाने के लिए वहां 100 बसों को भेजने का फैसला किया है. Also Read - Weather Report: बारिश ने उत्तर और पश्चिम भारत में गर्मी से दिलाई राहत, यूपी में 13 लोगों की मौत, सीएम ने मुआवजे का किया ऐलान

परब ने सोमवार देर रात कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की बसों को अगले दो दिनों में कोटा भेजा जाएगा. विभिन्न प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए महाराष्ट्र के छात्र कोटा में रह कर पढ़ाई कर रहे हैं. Also Read - अरब सागर के ऊपर तूफान सक्रिय, 3 जून तक गुजरात, महाराष्ट्र में देगा दस्तक

परब ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार ने कोटा गए छात्रों को वापस लाने का फैसला किया है. हम इसके लिए धुले जिले से करीब 100 बसें कोटा भेजेंगे.’’ मंत्री ने कहा कि छात्रों को पहले मध्य प्रदेश की सीमा से सटे महाराष्ट्र के धुले जिले में लाया जाएगा और फिर राज्य परिवहन की बसों द्वारा उन्हें उनके मूल स्थानों पर भेजा जाएगा. Also Read - महाराष्ट्र सरकार से मुंबई हाई कोर्ट ने पूछा, प्रवासी कामगारों के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए, स्पष्ट करें

एमएसआरटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकारों के साथ आधिकारिक बातचीत पहले ही हो चुकी है, क्योंकि बसें इन दोनों राज्यों से होकर गुजरेंगी.

महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वापसी पर, छात्रों और उनके माता-पिता को चिकित्सा जांच से गुजरना होगा, फिर उन्हें 14 दिन के पृथक-वास में भेजा जाएगा.

महाराष्ट्र सरकार ने इस संकेत के बाद छात्रों को वापस लाने का फैसला किया कि कुछ प्रमुख शहरों में लॉकडाउन बढ़ाया जा सकता है जहां कोरोना वायरस महामारी की स्थिति अभी नियंत्रित नहीं हो पायी है.

आपको बता दें कि कोटा में देश भर से लाखों छात्र कंपटीशन की तैयारी के लिए जाते हैं. 24 मार्च को लॉकडाउन लगने की वजह से उन्हें अपने घर वापस आने का मौका नहीं मिला और वे वहीं फंस कर रहे हैं. ऐसे हालात में लगातार कई राज्य राजस्थान सरकार से बात करके छात्रों को लाने का प्रयास कर रही हैं. हाल ही उत्तर प्रदेश और असम की सरकार ने भी बसे भेजकर अपने छात्रों को वापस बुला लिया है.