नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र में जारी सियासी संकट के चलते गवर्नर भगत सिंह कोश्यिारी राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश कर सकते हैं. ये दावा एएनआई न्‍यूज एजेंसी ने दूरदर्शन के टि्वटर पर शेयर एक ट्वीट से की है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल से इस आशंका के मद्देनजर बात की है कि यदि राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू होता है तो क्‍या किया जा सकता है.

शिवसेना प्रमुख ने सिब्‍बल से कानूनी राय ली है. सूत्रों के मुताबिक, राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू होने के खिलाफ शिवसेना सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.

बता दें कि राज्‍यपाल की ओर से शिवसेना को दी गई समय समय सीमा सोमवार शाम को खत्‍म हो गई थी. इसके बाद राज्‍यपाल ने एनसीपी से सरकार बनाने के संबंध में पूछा था.

शिवसेना को सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक का मिली समय सीमा खत्‍म होते ही राज्यपाल कोश्यारी ने सोमवार रात को ही एनसीपी को न्योता दिया था और पूछा था कि क्या वह सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता’’ प्रदर्शित करना चाहती है.

एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि एनसीपी अपने सहयोगी दल कांग्रेस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगी और वे मंगलवार रात 8:30 बजे तक कोश्यारी से मिलेंगे. पाटिल ने कहा था, प्रक्रिया के अनुसार राज्यपाल ने महाराष्ट्र में तीसरा सबसे बड़ा दल होने के नाते हमें एक पत्र दिया है और हमने उन्हें सुझाव दिया है कि हमें अपने सहयोगी दल से बात करनी होगी. हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि हम जल्द से जल्द उनके पास लौटेंगे.’’ एनसीपी विधायक दल के नेता अजीत पवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और धनंजय मुंडे भी पाटिल के साथ इस मौके पर थे.

राज्यपाल ने रविवार रात शिवसेना को न्योता देकर उनसे पूछा था कि क्या वह सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता जाहिर करना चाहते हैं. बता दें उसके कुछ ही घंटे पहले शिवसेना के गठबंधन सहयोगी और सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश करने से इनकार कर दिया था.

महाराष्‍ट्र 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 105 सदस्यों के बाद 56 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के पास सरकार बनाने का दावा करने के लिए सोमवार शाम साढ़े सात बजे तक का समय था. इससे पहले दिन में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार से भेंट की और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की. एनसीपी के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44 विधायक हैं.