नई दिल्‍ली/ मुंबई: महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर 19 वें दिन भी पेंच फंसा हुआ है. आज मंगलवार को एनसीपी और कांग्रेस के रुख पर सबकी निगाहें जमी हुई हैं. एनसीपी ने सोमवार को कहा कि वह अपने सहयोगी कांग्रेस के साथ बातचीत कर तय करेगी कि शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दिया जाए या नहीं. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता आज मुंबई पहुंचकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बात करेंगे. वहीं, बीजेपी सारे सियासी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. हालां‍क‍ि आ रहीं खबरों में कहा जा रहा है कि दिल्‍ली से कांग्रेस के नेता नहीं आएंगे.

अभी तक कुछ ये हुआ
– शिवसेना सोमवार तक एनसीपी- कांग्रेस का समर्थनपत्र तय समयसीमा के अंदर राज्‍यपाल को नहीं दे सकी.
– राज्यपाल ने सोमवार की शाम शिवसेना को तीन दिन की और मोहलत देने के अनुरोध को ठुकरा दिया.
– उद्धव ठाकरे ने मुंबई के एक होटल में पवार से मुलाकात की.
– शिवसेना प्रमुख ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात की थी.
– राज्यपाल कोश्यारी ने सोमवार रात को ही एनसीपी को न्योता दिया.
– राज्‍यपाल ने एनसीपी से पूछा कि क्या वह सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता प्रदर्शित करना चाहती है.
– एनसीपी अपने सहयोगी दल कांग्रेस के साथ आज चर्चा करेगी और मंगलवार रात 8:30 बजे तक राज्‍यपाल से मिलेगी.
– बीजेपी वेट एंड वॉच की नीति अपनाए हुए सारे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है.

सवाल अब क्‍या हो सकता है
– क्‍या एनसीपी के नेतृत्‍व में कांग्रेस और शिवसेना के समर्थन से नई सरकार बनेगी?
– क्‍या एनसीपी के नेतृत्‍व वाली सरकार में सीएम शिवसेना का होगा?
– क्‍या कांग्रेस आज तय कर पाएगी कि सरकार में शामिल हो या नहीं?
– क्‍या कांग्रेस एनसीपी और शिवसेना की सरकार को बाहर से समर्थन देगी?
– क्‍या शिवसेना एनसीपी के नेतृत्‍व को स्‍वीकार कर पाएगी?
– क्‍या शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस में सहमति नहीं बनने पर राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू होगा ?

बता दें राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के 105 सदस्यों के बाद 56 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना है. एनसीपी के 54 विधायक हैं और कांग्रेस के 44 विधायक हैं.