मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में लगातार बढ़ती जा रहे पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी से लोगों को राहत देने के लिए दूसरे उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया है. राज्य सरकार ने देश में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल) पर आबकारी शुल्क बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि उसे पेट्रोल और डीजल पर कर घटाने को लेकर कुछ गुंजाइश मिल सके. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

आबकारी टैक्स से बढ़ेगा राजस्व

राज्य के आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आईएमएफएल पर शुल्क की 2013 से समीक्षा नहीं हुई है. अधिकारी ने कहा कि विचार यह है कि आईएमएफएल पर आबकारी शुल्क बढ़ाया जाए, जिससे सरकार को अधिक राजस्व मिल सके. उसके बाद हम पेट्रोल और डीजल पर करों में कटौती कर सकते हैं.

इस बारे में राज्य के आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव वल्सा नायर सिंह ने कहा कि आईएमएफएल पर शुल्क की समीक्षा की फाइल अभी तक उनके पास नहीं आई है, इसलिए वह इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते.

पेट्रोल की कीमत 90 रुपए के पार हुई, महाराष्ट्र के इस शहर में सबसे ज्यादा महंगा तेल

बता दें कि पूरे देश में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा वैट लगता है इसलिए यहां पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा हैं. कई जगहों पर तो पेट्रोल के दाम 90 रुपये के पार जा चुके हैं. मुंबई में भी दाम लगभग 90 रुपये के करीब पहुंच चुके हैं. परभणी, नांदेड़, अमरावती में पेट्रोल 90 रुपये के पार पहुंच चुका है. तेल के दाम रोजाना बढ़ रहे हैं और इसके 90 रुपये से ऊपर पहुंच जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है. यही वजह है कि अब वैट घटाने के लिए दूसरे उपाय तलाशे जा रहे हैं ताकि घाटे की भरपाई हो सके.