मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने Lockdown के बीच चीनी मिलों के एक लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने गांव लौटने की इजाजत देने का फैसला किया है. साथ ही, उनकी कोविड-19 की जांच कराई जाएगी. राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे ने शुक्रवार को यह बताया कि चीनी मिलों के मालिकों को इन मजदूरों और उनके परिजनों की जांच करानी होगी. Also Read - COVID 19 Viral News: लॉकडाउन में घर से बाहर निकला रसगुल्ला खरीदने, पुलिस ने कुछ यूं लगाई क्लास

मंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि 1.31 लाख चीनी मिल मजदूर राज्य में 38 चीनी मिलों के परिसरों में बने अस्थायी आवास में रह रहे हैं, जबकि कई अन्य मजदूर दूसरे स्थानों पर फंसे हुए हैं. हालांकि, इन प्रवासी मजदूरों को अपने गांव लौटने की इजाजत देने से एक जिले से दूसरे जिले में भारी संख्या में लोगों की आवाजाही होगी. Also Read - CycloneTauktae LIVE: सौराष्ट्र के तटीय इलाकों की ओर बढ़ा तूफान, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मुंडे ने ट्वीट किया, ”चीनी मिलों में काम करने वाले मेरे भाइयों, आपके लिए एक अच्छी खबर है! आप अब अपने घर (गांव) लौट सकते हैं. सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है.” Also Read - COVID-19 Curfew Extended in AP: आंध्र प्रदेश में मई के अंत तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया गया

सरकार के इस फैसले से बीड और अहमदनगर के मजदूरों को फायदा होगा, जो पश्चिमी महाराष्ट्र, कर्नाटक से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों और राज्य के अन्य हिस्सों में फंसे हुए हैं. बयान में कहा गया है कि चीनी मिलों के मालिकों को इन मजदूरों और उनके परिजनों की जांच करानी होगी.