Maharashtra Lockdown Extension Latest Update: देश में कोरोना का कहर जारी है. भारत में कोरोना हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है. कोरोना पर काबू पाने के लिए देश के कई राज्यों में लॉकडाउन (Lockdown) और नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) जैसी पाबंदियां लागू हैं. महाराष्ट्र कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है. यहां भी 1 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) जैसी पाबंदियां लागू हैं. हालांकि महाराष्ट्र में लॉकडाउन का बढ़ना तय है.Also Read - उत्तर कोरिया में रहस्यमयी बुखार से 42 लोगों की मौत, 8 लाख से अधिक लोग बीमार

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने कहा कि लॉकडाउन का बढ़ना तय है. राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में 30 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने लॉकडाउन (Lockdown) बढ़ाने की मांग की है. Also Read - चीन में कोरोना की दहशत, लॉकडाउन के बीच टेस्टिंग तेज | Watch Video

बता दें कि महाराष्ट्र में बुधवार को कोविड-19 के 63,309 नए मामले आए और इस दौरान 985 और लोगों की मौत हो गई. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या 44,73,394 और मृतक संख्या 67,214 हो गयी है. बीते 24 घंटे के दौरान कुल 61,181 मरीजों को छुट्टी दे दी गई. अब तक 37,30,729 मरीज ठीक हो चुके हैं. राज्य में 6,73,481 एक्टिव मरीज हैं. मुंबई में कोविड-19 के 4966 नए मामले आए और 78 लोगों की मौत हो गई. Also Read - हद है ये तो...इस देश में दूल्हा-दुल्हन की अपील-हमारी शादी में आएं-खाना खाएं, गिफ्ट नहीं पैसे देकर जाएं-PICS

बता दें कि लॉकडाउन बढ़ने के साथ पाबंदियां भी वैसी ही रहेंगी जैसी पहले से चली आ रही हैं. महाराष्ट्र में जारी ताजा पाबंदियों के अनुसार, निजी ऑफिसों को 15% क्षमता के साथ खोलने की मंजूरी दी गई है . वहीं, विवाह समारोह में मेहमानों की संख्‍या 25 तक सीमित रखी  गई है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग सरकारी कर्मचारियों, मेडिकल प्रोफेशनल्‍स और जिन्‍हें इलाज की जरूरत है सिर्फ उनके लिए रिजर्व कर दिया गया है. हालांकि, राज्य सरकार ने इसे संपूर्ण लॉकडाउन का नाम नहीं दिया है, लेकिन नियम पिछले साल लगे लॉकडाउन की तरह ही सख्त हैं. इस दौरान जरूरी और इमरजेंसी स्थिति को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों और सेवाओं पर रोक लगा दी गई है.

उधर, सरकारी बस 50 फीसदी की क्षमता के साथ चल रही हैं और खड़े होकर सफर करने पर रोक है. लोकल सेवा सिर्फ इमरजेंसी सर्विसेज के लिए ही खुली हैं. दूसरे जिले में जाने के लिए जरूरी कारण बताने पर ही सफर की इजाजत दी जा रही है.