Maharashtra Lockdown Update: महाराष्ट्र सरकार ने बृहस्पतिवार को लॉकडाउन जैसी पाबंदियों (Maharashtra Lockdown) को 15 मई तक बढ़ा दिया, ताकि राज्य में कोरोना वायरस महामारी के प्रसार पर रोक लगाई जा सके. मुख्य सचिव सीताराम कुंटे की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि पाबंदियां (Maharashtra Lockdown restrictions) बढ़ाने का निर्णय किया गया है क्योंकि राज्य में कोविड- 19 का खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपाय जारी रखना अनिवार्य है ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके.Also Read - महाराष्ट्र के मंत्री ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से औरंगाबाद एयरपोर्ट का नाम संभाजी के नाम पर करने की मांग की, क्‍या कांग्रेस, एनसीपी नाराज नहीं होंगी ?

लोगों की आवाजाही और अन्य गतिविधियों पर पाबंदियां इस महीने की शुरुआत में लगाई गई थीं, जो एक मई सुबह सात बजे तक के लिए थी. सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू है जिसमें एक स्थान पर पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है. पाबंदियों से आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है. Also Read - G-Pay ने 30 साल की महिला के मर्डर का राज खोला, गोवा पुलिस 24 घंटे में आरोपी को अरेस्‍ट किया

बता दें कि महाराष्ट्र में पाबंदियां बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार से पूछा था कि कोविड-19 के प्रसार को सफल ढंग से रोकने के लिए क्या कम से कम 15 दिन के लिए “पिछले साल की तरह लॉकडाउन” लगाने पर विचार करने का वक्त आ गया है. पीठ ने कहा, “अगर कम से कम 15 दिन लोग पिछले साल की तरह पूरी तरह घर में बंद रहें तो हम बेहतर परिणामों की उम्मीद कर सकते हैं. कृपया अपनी सरकार को सलाह दें.” Also Read - उत्तर कोरिया में रहस्यमयी बुखार से 42 लोगों की मौत, 8 लाख से अधिक लोग बीमार

बता दें कि इससे पहले महाराष्ट्र में वायरस की श्रृंखला को तोड़ने के लिए 22 अप्रैल को कई पाबंदियां लगाई गई थीं.

लगाई गईं कई पाबंदियां; यहां जानें फुल डिटेल

  1. 15 मई तक लोगों या वाहनों की आवाजाही पर गंभीर प्रतिबंध रहेगा
  2. आवश्यक सेवा प्रदाता केवल सार्वजनिक परिवहन से यात्रा कर सकते हैं
  3. आपात सेवाओं को छोड़कर सीधे महामारी प्रबंधन से जुड़े सरकार कार्यालय 15 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो सकते हैं
    शादी में केवल 25 व्यक्ति ही शामिल हो सकते हैं और इसका उल्लंघन करने पर 50 हजारा का फाइन लगाया जाएगा.
  4. सभी राज्य और स्थानीय सरकारी सार्वजनिक बस सेवाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा.
  5. निजी परिवहन को केवल आपातकालीन या आवश्यक सेवाओं के लिए या अर्ध-क्षमता पर वैध कारणों से संचालित किया जा सकता है, लेकिन अंतर-जिला या अंतर-शहर यात्रा के लिए नहीं.
  6. अंतर-जिला या अंतर-शहर यात्रा की केवल आवश्यक सेवाओं या चिकित्सा आपात स्थिति या अंतिम संस्कार, गंभीर बीमारी, आदि जैसी स्थितियों के लिए अनुमति दी जाएगी
  7. इसका उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये फाइन लगाया जाएगा.