Maharashtra Lockdown Update: महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन के प्रभाव से उबरने के लिए लोक संगीत कलाकारों, लोक कला निर्माताओं तथा उनसे जुड़े संगठनों को 34 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यहां संस्कृति मंत्री अमित देशमुख के साथ बैठक करने के बाद लोक संगीत और अन्य विधाओं से जुड़े लोगों के लिए वित्तीय सहायता के प्रस्ताव को मंजूरी दी.Also Read - Maharashtra Cinemas theaters Reopen: महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर से खुलेंगे सिनेमा और थिएटर, इन नियमों का करना होगा पालन

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि 56,000 लोक कलाकारों में से हर एक को पांच हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी. इस पर 28 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा. साथ ही 847 ऐसे संगठन हैं जो विभिन्न लोक कलाओं जैसे तमाशा, शाहिरी आदि से जुड़े हैं उनकी मदद के लिए सरकार 6 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी. Also Read - Maharashtra Unlock Update: उद्धव सरकार का बड़ा फैसला, महाराष्ट्र में इस तारीख से खुलेंगे धार्मिक स्थल; जानें गाइडलाइंस

उधर, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पाबंदियों को हटाये जाने के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं. उन्होंने अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने की जरूरत बतायी. ठाकरे ने कहा कि स्थिति 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा के बाद जैसी नहीं है. उस घोषणा से पैसे ‘गायब’ हो गये थे. उन्होंने आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक कार्यक्रम में कहा, ‘निश्चित रूप से वैश्विक स्तर पर आर्थिक नरमी है… लेकिन हम अब यह देख रहे हें कि पाबंदियों में ढील और आर्थिक गतिविधियों की अनुमति के साथ अर्थव्यवस्था में फिर से तेजी लौट रही है.’ Also Read - Maharashtra Lockdown Update: कोरोना नियमों के उल्लंघन पर नवी मुंबई के तीन बार पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना

ठाकरे ने कहा कि वृद्धि दिख रही है, इसका मतलब है कि पैसा ‘गायब’ नहीं हुआ है, जैसा कि नोटबंदी के समय देखा गया था. उन्होंने कहा कि एक बार अर्थव्यवस्था का पहिया घूमने लगेगा, वृद्धि तेज होगी और धन का प्रवाह भी होगा. उन्होंने कहा कि स्वचालन हमारी सभी चिंताओं का समाधान नहीं है और रोजगार तथा आय में वृद्धि के साथ विकास की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार ही एकमात्र जरिया है, जिससे लोगों की खरीद शक्ति बढ़ेगी.

ठाकरे ने कहा कि 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 70 प्रतिशत मामलों में भूमि अधिग्रहण समेत अन्य काम शुरू हुए हैं. राज्य ने प्रस्तावित निवेशों के लिये उद्योगों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे.

(इनपुट: भाषा)