पुणे: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने सोमवार को सामने आए एक वीडियो में दावा किया है कि राज्यसभा सदस्य नारायण राणे ने उनसे चार जुलाई को सब इंजीनियर से दुर्व्यवहार मामले में अपने बेटे व विधायक नीतेश राणे को बचाने का आग्रह किया था. पाटिल शुक्रवार को पुणे में शेडेकर के आवास गए थे और उन्होंने यह दावा उनके परिवार से बात करते हुए किया था. उस दौरे और पाटिल द्वारा किए गए दावे का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

कांकावली से विधायक नीतेश राणे को मुंबई-गोवा राजमार्ग पर गड्ढों और कीचड़ के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भारतीय राष्ट्रीय
राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के उप अभियंता प्रकाश शेडेकर पर कीचड़ डालने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था. नीतेश राणे को 9 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था.

वीडियो क्लिप में पाटिल शेडेकर के परिवार से यह कहते हुए सुने गए कि उन्होंने स्थानीय पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से नीतेश
राणे पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाने को कहा था. वीडियो क्लिप में पाटिल कहते सुने गए, घटना के बाद मैंने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को फोन किया और उनसे मामले में हत्या का प्रयास का मामला दर्ज करने को कहा..(नारायण) राणे ने उसके बाद मुझसे अपने पुत्र को बचाने के लिए कहा, लेकिन मैंने उनसे पूछा कि यह (नीतेश राणे का) कैसा व्यवहार है.”

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पाटिल परिवार से यह कहते सुने गए कि शेडेकर को पुलिस संरक्षण मुहैया कराया गया है. शेडेकर की शिकायत के आधार पर नीतेश राणे पर आईपीसी की धारा 353 और अन्य धाराओं के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पाटिल ने बाद में क्लिप में अपने बयान के बारे में बारामती में कहा कि कीचड़ डालने की घटना से अधिकारियों का हौसला प्रभावित हुआ है और मामले में कार्रवाई शुरू करना जरूरी है.

बता दें घटना का वीडियो सामने आने के बाद राणे ने अपने पुत्र के व्यवहार के लिए माफी मांगी थी. उन्होंने चार जुलाई को कहा था, ”मैं अपने पुत्र द्वारा एक सरकारी अधिकारी पर कीचड़ फेंके जाने के लिए माफी मांगता हूं. (राजमार्ग की खराब स्थिति के खिलाफ) प्रदर्शन स्थानीय लोगों के लिए था.”