मुंबईः महाराष्ट्र में लॉकडाउन में भोजन वितरण की अनुमति लेकर कथित तौर पर गिरोह बनाकर अंधेरी स्थित गहनों की दुकान से सात करोड़ रुपये के गहने लूटने के आरोप में एक एनजीओ के प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया. Also Read - यूपी: श्रमिक ट्रेनों में भी मौत के मुंह में समा रहे मजदूर, एक ही दिन में तीन ट्रेनों में 6 की मौत

पुलिस उपायुक्त अंकित गोयल ने बताया कि शहर के एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष विपुल आनंद चामरिया (35) को छह अन्य लोगों के साथ सोमवार को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से पांच करोड़ 30 लाख रुपये बरामद हुए. Also Read - मुंबई से झारखंड फ्लाइट से आएंगे मजदूर, हेमंत सोरेन बोले- बस से मुश्किल हो रही थी तो जहाज की व्यवस्था की है

एमआईडीसी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लॉकडाउन के दौरान 22 अप्रैल को, राजकुमार लूथरा ने शिकायत दर्ज की कि उनकी आभूषणों की दुकान में गैस कटर का उपयोग करके छत से सेंध लगाकर सात करोड़ रुपये के गहने चोरी हो गए.’’ Also Read - Video: COVID19 से जंग जीतने वाले एक माह के मासूम को मुंबई के अस्‍पताल ने ऐसे दी विदाई

उन्होंने बताया, ‘‘पुलिस की तीन टीमों द्वारा आसपास के क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों से पूछताछ करने के बाद हमने चामरिया को पकड़ा. उसके पास लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को भोजन वितरित करने की अनुमति थी. दुकान के बारे में जानकारी एकत्र करने के बाद, वह छह साथियों सहित आया और दुकान लूट ली. उनमें से चार एनजीओ में काम करते हैं.’’

अन्य लोगों की पहचान शेयरधारक देसमान छोटेलाल चौहान, सुरक्षा गार्ड मुन्ना खरवार, और चामरिया के एनजीओ कर्मी लक्ष्मण नरसप्पा दांडु, शंकर कुमार यशु, राजेश मरपक्का और विकास चनावड़ी के रूप में हुई है.