Maharashtra News : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra cm uddhav thackeray) पर जनआशीर्वाद यात्रा  के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Union minister narayan rane) के खिलाफ शिवसेना ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद पुलिस ने नारायण राणे को चिपलून से हिरासत में ले लिया है. नारायण राणे ने सीएम उद्धव के बारे में कहा था कि 15 अगस्त को लेकर नहीं पता, मैं होता तो कान के नीचे लगाता… . जिसके बाद उनके इस बयान से नाराज शिवसेना (Shivsena) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.Also Read - Mumbai Corona News: क्या मुंबई ने जीत ली कोरोना से जंग? सीरो सर्वे में 86 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी विकसित

नासिक साइबर पुलिस ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के खिलाफ शिवसेना नासिक प्रमुख की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की और उसके बाद पुलिस आयुक्त ने राणे को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किये. उसके बाद उन्हें गिरफ्तार करने के लिए डीसीपी संजय बरकुंड के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी, जिसने उन्हें रत्नागिरी जाकर हिरासत में लिया है. Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में क्या फिर साथ आने वाले शिवसेना-BJP? उद्धव ठाकरे के इस बयान से लग रहीं अटकलें...

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नारायण राणे के खिलाफ अबतक 4 एफआईआर दर्ज हो गई हैं, जबकि रत्नागिरी कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है. साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी उनकी याचिका सुनने से इनकार कर दिया.

नारायण राणे ने दे डाला आपत्तिजनक बयान

सोमवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान रायगढ़ के महाड में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बारे में जिक्र होने पर कहा, ” उस दिन नहीं क्या? कितने साल हुए देश कोआजादी मिले हुए…अरे हीरक महोत्सव क्या? मैं होता तो कान के नीचे लगाता.”

फिर नारायण राणे ने उद्धव ठाकरे के बारे में कहा, “स्वतंत्रता दिवस के बारे में आपको मालूम नहीं होना चाहिए ? बताएं कितनी गुस्सा दिलाने वाली बात है यह. सरकार कौन चला रहा है, यह समझ ही नहीं आ रहा है. ड्राइवर ही नहीं है. राष्ट्रवादी के लोग सिर्फ सत्ता का स्वाद चखने में व्यस्त हैं.”

कोरोना का हवाला देते हुए नारायण राणे ने कहा, “महाराष्ट्र में एक लाख से ज्यादा लोगों की मौतें हो गईं. उसके नियंत्रण के लिए कोई योजना नहीं, उपाय नहीं, वैक्सीन नहीं, डॉक्टर नहीं, चिकित्सा कर्मचारी नहीं. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग की स्थिति भयावह थी. इन्हें बोलने का अधिकार भी है क्या? इन्हें बगल में एक सेक्रेट्री रखना चाहिए और सलाह लेकर बोलना चाहिए.”

शिवसेना ने दर्ज कराई एफआईआर

नारायण राणे के इसी बयान को लेकर शिवसेना से प्रतिक्रिया आई है कि मंत्री बनने के बाद नारायण राणे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है. इस मामले को लेकर शिवसेना ने नारायण राणे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी. शिकायत के बाद नासिक क्राइम ब्रांच (Nashik crime branch) को चिपलून जाकर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को गिरफ्तार करने के आदेश दिए गए हैं.