महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर एक सप्ताह से अधिक समय से खींचतान जारी है. इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और शिवसेना का मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘क्या बाजार में 50-50 नया बिस्किट है?’ ओवैसी ने महाराष्ट्र में 50:50 के फार्मूले को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच जारी रस्साकशी पर टिप्पणी की.

हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम भाजपा या शिवसेना को समर्थन नहीं देगी. आप 50-50 कितना करेंगे? महाराष्ट्र की जनता के लिए कुछ करेंगे. वे (भाजपा और शिवसेना) सतारा में हुई बारिश को लेकर परेशान नहीं हैं. वे सभी 50-50 की बात करते हैं. यह किस तरह का ‘सबका साथ सबका विकास’ है?

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जब से महराष्ट्र चुनाव के नतीजे घोषित हुए हैं, तब से शिवसेना और भाजपा के बीच सीएम की कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है. शिवसेना ’50-50′ फार्मूले पर जोर दे रही है, तो वहीं भाजपा का कहना कि ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद साझा करने वाले मुद्दे पर कोई समझौता नहीं कर सकते हैं. देवेंद्र फडणवीस सरकार में वित्तमंत्री रहे सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा था कि यदि महाराष्ट्र में सात नवंबर तक सरकार नहीं बनती है, तो ऐसी स्थिति में राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है.

भाजपा नेता पर निशाना साधते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, “राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रमुख है.. वह किसी की जेब में नहीं है. इस तरह की धमकी देना जनता के जनादेश का अपमान है. उन्होंने दोहराया कि शिवसेना अपने गठबंधन की प्रतिबद्धताओं को भाजपा के साथ ‘अंतिम क्षण तक’ सम्मान देगी. लेकिन इसके बाद ‘रूको और देखो’ की नीति को नहीं अपनाया जाएगा.