नागपुरः महाराष्ट्र सरकार ने लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के मकसद से नागपुर जिले में राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की महिला बटालियन स्थापित करने का फैसला किया है. एसआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कहा कि यह महिलाओं के खिलाफ हिंसा से जुड़े मामलों से निपटने और उन्हें बेहतर सुरक्षा मुहैया कराने में बल की मदद करेगा. Also Read - शिवसेना का पीएम पर तंज, मुखपत्र में लिखा- संकट से ताली बजाकर या दिया जलाकर नहीं निपटा जा सकता

महाराष्ट्र के विशेष सशस्त्र बल के तौर पर छह मार्च,1948 को स्थापित एसआरपीएफ में पुरुषों का वर्चस्व है और इसकी अब तक एक भी ऐसी बटालियन नहीं है जिसमें सिर्फ महिलाएं हों. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना एवं समन्वय) एस जगन्नाथन ने एसआरपीएफ, नागपुर रेंज के अतिरिक्त महानिदेशक और उसके महानिरीक्षक (आईजी) को चार मार्च को पत्र लिखकर यह मुद्दा उठाया था कि बल के पास महिलाओं वाली बटालियन नहीं है. Also Read - महाराष्ट्र में कोरोनावायरस के 23 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 891 हुई

जगन्नाथन ने पत्र में उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने नागपुर के कातोल में महिलाओं की बटालियन स्थापित करने का बल को निर्देश दिया है. उन्होंने पत्र में कहा, “राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने नागपुर जिले के कातोल में एसआरपीएफ की महिला बटालियन बनाने का निर्देश दिया है इसलिए राज्य पुलिस के योजना एवं समन्वयन कार्यालय को बटालियन गठित करने का फैसला लेना चाहिए.” Also Read - Coronavirus in Mumbai Updates: कोरोना से दहशत में माया नगरी मुंबई, 24 घंटे चार लोगों की गई जान

इसके अलावा उन्होंने एसआरपीएफ के नागपुर रेंज के आईजी को बटालियन का मुख्यालय स्थापित करने के लिए कातोल के पास पर्याप्त भूमि का पता लगाने के निर्देश दिए. चूंकि बल के पास महिला बटालियन नहीं है इसलिए जगन्नाथन ने आईजी को एसआरपीएफ कानून-1951 में आवश्यक बदलावों के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने और इसे राज्य पुलिस को भेजने का भी निर्देश दिया.