नई दिल्लीः बीते मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) महाराष्ट्र में बनी गठबंधन की सरकार पर कुछ ऐसा बोल गए, जिससे शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच असहज स्थिति बन गई थी. मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि, कांग्रेस महाराष्ट्र सरकार का समर्थन कर रही है लेकिन, कांग्रेस महाराष्ट्र की मुख्य डिसीजन मेकर नहीं है. ऐसे में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच फोन पर बात हुई. शिवसेना का दावा कांग्रेस सरकार मे साथ खड़ी है और राहुल गांधी ने समर्थन का भरोसा दिया है. मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के बाद महाराष्‍ट्र की सियासत और गर्मा गई थी. Also Read - मुंबई: कोरोना महामारी के चलते इस साल स्थापित नहीं की जाएगी लाल बाग के राजा की मूर्ति

मंगलवार को राहुल गाधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये महाराष्ट्र सरकार में मची हलचल पर पत्रकारों से कहा था कि ”मैं यहां की स्थिति को इस वार्ता से अलग रखना चाहूंगा. महाराष्‍ट्र में कांग्रेस सरकार का समर्थन कर रही है, लेकिन हम महाराष्‍ट्र में प्रमुख डिसीजन मेकर नहीं हैं. हम पंजाब, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान और पुडुचेरी में नीति निर्माता हैं, लेकिन महाराष्ट्र में नहीं. सरकार को चलाने और इसका समर्थन करने में फर्क होता है.” Also Read - राहुल ने शायरी के जरिए साधा प्रधानमंत्री पर निशाना, लिखा- 'तू इधर उधर की न बात कर....ये बता कि काफिला कैसे लुटा'

उन्होंने आगे कहा था कि, ‘मैंने पहले भी स्पष्ट रूप से कह चुका हूं कि महाराष्ट्र एक महत्वपूर्ण राज्य है. मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और इस पर लोगों का ध्‍यान केंद्रित रहता है. यहां स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है. ऐसे में केंद्र की ओर से राज्य पर बहुत ध्यान दिए जाने की जरूरत है!’ Also Read - राहुल गांधी ने पूछा- मनमोहन सरकार की तुलना में मोदी सरकार में चीन से आयात क्यों बढ़ा

बता दें आज कोरोना वायरस संकट के बीच एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार महा विकास आघाड़ी की बैठक में शामिल होने वाले हैं. यह बैठक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सरकारी निवास वर्षा बंग्ले पर बैठक है. जिसमें कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के मंत्री हिस्सा ले रहे हैं.

ऐसे में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ी उठापटक की आशंका जताई जा रही है. महाराष्ट्र में जब से बीजेपी ने शिवसेना पर कोरोना बीमारी से निपटने में नाकामी के आरोप लगाए हैं, तभी से राज्य की राजनीति में गर्माहट आ गई है.

प्रवासी मजदूरों को उनके गृहनगरों तक भेजने को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल से तनातनी के बीच महाराष्ट्र में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच पिछले दिनों अकेले हुई बैठक के बाद अटकलें और तेज हो गईं थीं.