मुंबई: शिवसेना के सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बी.एस. कोश्यारी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बहुमत साबित करने के लिए 24 घंटे का समय दिए जाने का आह्वान किया. उन्होंने रविवार को कहा कि शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन मात्र ’10 मिनट’ में अपना बहुमत साबित कर सकती है.

राउत ने कहा कि राज्यपाल ने भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए इतना लंबा समय (30 नवंबर तक) क्यों दिया? अगर वे हमें आमंत्रित करते हैं तो हम मात्र 10 मिनट में अपना बहुमत साबित कर सकते हैं. उन्होंने यह जानना चाहा कि अगर उनके पास बहुमत है तो अल सुबह शपथ ग्रहण समारोह आयोजित करने की क्या जरूरत थी, राज्य के मुख्यमंत्री ने तब पदभार संभाला, जब उनके राज्य के लोग सो रहे थे.

शिवसेना सांसद ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले भी और चुनाव का परिणाम सामने आने के बाद भी शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ गया. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही हम कहते आ रहे हैं कि हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है. अब पांच विधायकों के जाने के बाद भी हमारे पास 165 विधायकों का समर्थन है. ये कहीं लिख लें. शनिवार के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए राउत ने देश के इतिहास में उसे ‘काला दिन’ बताया.

बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. कल सोमवार को सुबह 10.30 बजे फिर से सुनवाई शुरू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए इस पूरे मामले में केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है. केंद्र सरकार कल सुनवाई के दौरान अपना जवाब दाखिल करेगी. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से राज्यपाल का आदेश और समर्थन पत्र भी मांगा है.

एक दिन पहले ही शपथ लेकर फिर से सीएम बने देवेंद्र फडणवीस के साथ ही डिप्टी सीएम बने अजित पवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई आज खत्म हो गई है. कल फिर से सुनवाई होगी. वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जस्टिस रमन्ना ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सदन में बहुमत साबित करना ही पड़ेगा. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल किसी को अचानक नियुक्त नहीं कर सकते हैं. हर प्रक्रिया के लिए एक नियमित समय होता है. नियम तय है.